लोकसभा चुनाव : स्थानीय समस्याओं की बजाय राष्ट्रीय मुद्दों को महत्व देते हैं चांदनी चौक के मतदाता
रवि कांत रवि कांत माधव
- 18 May 2024, 06:36 PM
- Updated: 06:36 PM
(सुगंधा झा)
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) चांदनी चौक क्षेत्र को ढहते बुनियादी ढांचे, वाहनों की भीड़भाड़ और पार्किंग की समस्या जैसी रोजमर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों का कहना है कि वे आगामी लोकसभा चुनाव में स्थानीय समस्याओं के बजाय राष्ट्रीय मुद्दों पर वोट देना पसंद करेंगे।
व्यापारियों और मुस्लिम बहुल इस निर्वाचन क्षेत्र में प्रदूषण और अपराध सबसे कम चर्चित मुद्दों में से हैं। विडंबना यह है कि यह दिल्ली के 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट में से चांदनी चौक का क्षेत्र एक है, लेकिन राजनीतिक दलों के चुनावी वादों में इसका बहुत कम या कोई उल्लेख नहीं है।
चांदनी चौक में 'गोल गप्पे' बेचने वालों से लेकर बड़े व्यापारियों तक, कई लोगों का यह साझा विचार है कि लोकसभा चुनावों में, राष्ट्रीय स्तर पर विकास को प्रभावित करने वाले मुद्दे मतदाताओं के लिए अधिक महत्व रखते हैं।
चांदनी चौक बाजार के एक व्यापारी अशोक (53) ने व्हाट्सएप पर एक संदेश दिखाने के लिए अपना मोबाइल फोन निकालते हुए कहा, ‘‘एक सच्चे राष्ट्रवादी के रूप में, हमें राष्ट्रीय मुद्दों या उन मुद्दों पर मतदान करना चाहिए जो लोगों के व्यापक हित में हैं। स्थानीय मुद्दों का समाधान न होने पर भी हमें समायोजन करने की जरूरत है। ’’
हिंदी में व्हाट्सएप पर भेजा गया एक संदेश में कुछ राजनीतिक दलों का नाम लेते हुए दावा किया गया है कि राष्ट्र-विरोधी तत्व देश को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।
पहली बार मतदान करने को लेकर उत्सुक 'गोल गप्पे' बेचने वाले जतिन (18) ने युवाओं के लिए नौकरियों और अवसरों की कमी पर चिंता जताई, लेकिन साथ ही कहा कि वह अपना वोट किस उम्मीदवार को देंगे यह तय करने के लिए उम्मीदवारों की वैचारिक और धार्मिक संबद्धता पर विचार करेंगे।
जतिन ने कहा, ‘‘मैं ऐसे व्यक्ति के पक्ष में मतदान करना पसंद करूंगा जो मेरी जाति का हो या जिसकी धार्मिक आस्था मेरे जैसी ही हो।’’
व्यापारी ललित जैन (60) ने कहा कि उनका परिवार, उनके दादा के समय से ही एक विशेष पार्टी का वफादार मतदाता रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारी चालान, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), जगह की कमी जैसे मुद्दे व्यापारी समुदाय को परेशान कर रहे हैं।
एक स्थानीय दुकान के कर्मचारी पवन सौरज (49) ने शिकायत करते हुए कहा कि सदर बाजार क्षेत्र में अपराध एक प्रमुख मुद्दा है, जहां रोजाना फोन चोरी की लगभग 150 घटनाएं होती हैं।
उनके दोस्त भोला शंकर (53) ने कहा कि सदर बाजार इलाके के लोग अस्वच्छ सार्वजनिक शौचालयों और सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवरों से निकलने वाली दुर्गंध के कारण तंग परिस्थितियों में रहते हैं।
मॉडल टाउन जैसे पॉश इलाके से लेकर शकूरबस्ती जैसी झुग्गी-झोंपड़ी इलाकों में रहने वाले कई लोग इस बात पर एकमत थे कि प्रदूषण, साफ पानी और सीवेज प्रणाली से जुड़ी समस्याएं उन्हें समान रूप से परेशान करती हैं।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों की सरकारें आईं और गईं, लेकिन कोई भी उनके लिए राहत देने वाली साबित नहीं हुई।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2014 से चांदनी चौक सीट जीत रही है। इस चुनाव में उसने मौजूदा उम्मीदवार हर्ष वर्धन की जगह प्रवीण खंडेलवाल को मैदान में उतारा है। खंडेलवाल का मुकाबला इस सीट से तीन बार सांसद रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता जे पी अग्रवाल से है।
वर्ष 2019 में भाजपा के हर्षवर्द्धन ने अग्रवाल को आठ फीसदी से ज्यादा वोट के अंतर से हराया था।
अखिल भारतीय व्यापारियों का परिसंघ (सीएआईटी) के संस्थापक और महासचिव खंडेलवाल ने कहा कि निर्वाचित होने पर, वह 200 बिस्तरों की सुविधा से लैस मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण पर काम करेंगे, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिक मनोरंजन केंद्र स्थापित करेंगे, युवाओं के लिए स्टार्टअप इन्क्यूबेशन केंद्र स्थापित करेंगे, यातायात के मुद्दों से निपटने के लिए फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण करेंगे।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र में अन्य मुद्दों के समाधान के अलावा, क्षेत्र में लटकते तारों से उत्पन्न जीवन के खतरे को रोकने के लिए भूमिगत तार नेटवर्क की स्थापना करना भी एक प्रमुख लक्ष्य है।
खंडेलवाल ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘इसके अलावा, मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि लोग मुझसे मिल सकें और अपनी चिंताओं को उठा सकें। मैं अपने शब्दों और वादों पर कायम रहूंगा। ’’
वहीं, जेपी अग्रवाल ने चांदनी चौक के लोगों की आवाज संसद में उठाने का वादा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ सीवेज से संबंधित मुद्दों से लेकर व्यापारियों की समस्याओं तक, मैं इन सभी मुद्दों का समाधान करूंगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैं संसद में लोगों की आवाज उठाऊंगा। पिछले 10 साल में चांदनी चौक की आवाज कभी संसद में नहीं सुनाई दी। क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ और जीतने के बाद सांसद कभी उनके पास नहीं आये। ’’
चांदनी चौक इलाके के निवासी विकास मंडल (51) ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस सीट पर कांग्रेस की तुलना में आम आदमी पार्टी के जीतने की बेहतर संभावना होती।
क्षेत्र के एक अन्य निवासी अमित (18) ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व गुणों से प्रभावित हैं।
व्यापारी ललित जैन ने दावा किया कि जनता की चिंताओं को सुनने के लिए हर्ष वर्धन शायद ही कभी निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करते थे।
कई अन्य लोगों ने कहा कि वे आम आदमी पार्टी को दिल्ली के शासन के लिए एक अच्छे विकल्प के रूप में देखते हैं जबकि भाजपा को केंद्र में होना चाहिए।
सदर बाजार में रहने वाले एक मतदाता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुत अच्छे काम किए हैं लेकिन भाजपा के पास भी अच्छे काम की सूची है। जब राष्ट्रीय मुद्दों की बात आती है, तो मोदी सरकार ने विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है और आतंकवादियों पर नकेल कसी है। ’’
चांदनी चौक में कुल 16,45,958 मतदाता हैं, जो 2019 में 15,61,828 से लगभग 5.24 प्रतिशत अधिक हैं। पुरुष मतदाताओं की संख्या 8,83,760, महिला मतदाता 7,62,030 और तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या 168 है।
इस निर्वाचन क्षेत्र में अन्य समुदायों के अलावा 17 प्रतिशत व्यापारी और 14 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं।
चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र में 10 विधानसभा क्षेत्र हैं - आदर्श नगर, शालीमार बाग, शकूर बस्ती, त्रिनगर, वजीरपुर, मॉडल टाउन, सदर बाजार, चांदनी चौक, मटिया महल और बल्लीमारान।
भाषा रवि कांत रवि कांत