छठी अनुसूची के तहत राज्य के दर्जे की मांग पर विशेष जोर दे रहे लद्दाख के निर्दलीय प्रत्याशी
राजकुमार पवनेश
- 18 May 2024, 04:33 PM
- Updated: 04:33 PM
(अंजलि ओझा)
कारगिल, 18 मई (भाषा) लद्दाख में त्रिकोणीय चुनावी मुकाबले के बीच निर्दलीय प्रत्याशी मोहम्मद हनीफा जान ने कहा है कि उनका मुख्य जोर संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपायों तथा राज्य के दर्जे जैसी मांगों पर है जिन्हें केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है।
हाल तक नेशनल कान्फ्रेंस से जुड़े रहे हनीफा ने लद्दाख से चुनाव लड़ने के लिए पूरी कारगिल इकाई के साथ मिलकर पार्टी छोड़ दी थी। हनीफा कारगिल क्षेत्र हैं जबकि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रत्याशी त्सेरिंग नामग्याल एवं भाजपा के ताशी ग्यालसन लेह से हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि कारगिल से एकमात्र उम्मीदवार होने के नाते हनीफा को अन्य दो प्रत्याशियों की तुलना में एक तरह से बढ़त मिल गयी है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार लद्दाख निर्वाचन क्षेत्र में करीब 1,84,000 मतदाता हैं जिनमें करीब 95000 मतदाता कारगिल क्षेत्र में और करीब 89000 मतदाता लेह क्षेत्र में हैं। लेह में कांग्रेस के नामग्याल और भाजपा के ग्यालसन के बीच मतों के बंट जाने की संभावना से हनीफा को बढ़त मिलती हुई जान पड़ रही है।
हनीफा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि कारगिल में उन्हें सभी सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है तथा लेह में भी उनकी टीम चार सूत्री मांगों पर जोर देते हुए चुनाव प्रचार कर रही है।
लद्दाख लोकसभा सीट ‘इंडिया’ गठबंधन में सीट के बंटवारे के तहत कांग्रेस को दी गयी है। लेह स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद में विपक्ष के नेता नामग्याल को कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित किया गया।
कारगिल में नेशनल कान्फ्रेंस की पूरी इकाई ने कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करने का उनपर दबाव बनाये जाने का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस की स्थानीय इकाई भी हनीफा का समर्थन कर रही है।
कारगिल में हनीफा की रैलियों में ‘इत्तेहाद’ या एकता एक अहम शब्द है क्योंकि सभी सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक संगठन ‘लद्दाख डेमोक्रेटिक एलायंस’ के बैनर तले उनका समर्थन कर रहे हैं।
हनीफा का जोर लद्दाखवासियों की चार मांगों पर है, ये संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा मापदंड, राज्य का दर्जा, नौकरियों में आरक्षण तथा पृथक लोक सेवा आयोग हैं। कारगिल एवं लेह की दो पृथक लोकसभा सीट (की मांग) भी उनके एजेंडे में है।
उन्होंने कहा कि लद्दाख के लिए केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा मूल रूप से लेह के लोगों की मांग थी, जबकि कारगिल के लोग जम्मू कश्मीर के साथ रहना चाहते थे, लेकिन आज के परिदृश्य में कारगिल के लोग भी इन मांगों के साथ हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह इतिहास में पहली बार हुआ है कि कारगिल और लेह किसी बात पर एकजुट होकर लड़ रहे हैं। हम लेह, कारगिल, जम्मू तथा दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुके हैं। दुर्भाग्य से पिछले पांच सालों में निर्वाचित सांसद ने लद्दाख के मुद्दों को नहीं उठाया है।’’
हनीफा का इशारा जामयांग त्सेरिंग नामग्याल की ओर थो जो निवर्तमान भाजपा सांसद है। भाजपा ने उनके स्थान पर ग्यालसन को अपना प्रत्याशी बनाया है। लद्दाख में 20 मई को मतदान होगा।
भाषा
राजकुमार