दिल्ली में कारोबारी की हत्या के मामले में पांच लोग गिरफ्तार, बिश्नोई गिरोह के दावे की जांच जारी
संतोष
- 15 Feb 2026, 08:43 PM
- Updated: 08:43 PM
नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) उत्तरी दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थित बवाना औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में 35 वर्षीय व्यवसायी की हत्या के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस का कहना है कि हत्या एक लूट की साजिश का हिस्सा थी, जबकि जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह के नाम पर वारदात की जिम्मेदारी लेने वाले सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट की जांच अभी जारी है।
'प्लास्टिक दाना' निर्माता वैभव गांधी की नौ फरवरी को बावना के डीएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर चार स्थित उनके कारखाने के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने बताया कि हमलावर उनकी कार के पास पहुंचे, उन पर गोली चलाई और उनका लैपटॉप, फोन और दस्तावेजों से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
गांधी को महर्षि वाल्मीकि अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
बाद में उनकी गाड़ी से लगभग एक करोड़ रुपये नकद बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गांधी को लूटने की साजिश रची थी। इनमें से एक व्यक्ति, जो पहले वित्तीय लेन-देन के लिए उनके कार्यालय गया था, ने गिरोह को नकदी की उपलब्धता के बारे में सूचना दी थी।
अधिकारियों ने बताया कि साजिशकर्ताओं ने हमले को अंजाम देने से पहले इलाके की कई बार रेकी की थी।
जांच के दौरान कथित मुख्य साजिशकर्ता संजय उर्फ ताऊ (54) और मुखबिर रविंदर उर्फ रवि (42) को सुल्तानपुरी से गिरफ्तार किया गया। दो अन्य आरोपी संदीप उर्फ पुजारी (28) और हरीश कुमार उर्फ सोनू (45) को बाद में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि पांचवें आरोपी अरुण उर्फ पागल (37), जो एक बस परिचालक है, को शुक्रवार रात करीब 11.30 बजे तब गिरफ्तार किया गया जब उसने कथित तौर पर बिना नंबर प्लेट वाली चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गोली चलाई।
पुलिस की जवाबी गोलीबारी में उसके पैर में गोली लगी जिसके बाद उसे काबू कर लिया गया। उसके पास से .32 बोर की पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए।
जांचकर्ताओं ने बताया कि हमले की योजना पहले लूटपाट के लिए बनाई गई थी, क्योंकि हमले के दौरान पीड़ित को बहुत करीब से गोली मारी गई थी।
पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई और उन्हें पकड़ लिया गया।
हत्या के एक दिन बाद 'रणदीप मलिक अनिल पंडित' नाम के एक अकाउंट से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई जिसमें दावा किया गया कि यह हत्या बिश्नोई, जितेंद्र गोगी और काला राणा सहित कई गिरोहों की ओर से की गई थी। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि गांधी उनके संचालन में हस्तक्षेप कर रहे थे।
हालांकि, पुलिस ने कहा कि अब तक की जांच में गिरोहों के नाम सामने नहीं आए हैं और दावे की पुष्टि की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि पोस्ट के स्रोत का पता लगाया जा रहा है और दिल्ली पुलिस की 'इंटेलिजेंस फ्यूजन और स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस यूनिट' इसके डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रही है।
पुलिस ने कहा कि साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।
भाषा तान्या संतोष
संतोष
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