बजट 'अभी नहीं तो कभी नहीं' वाला पल नहीं, बल्कि 'हम तैयार हैं' वाला क्षण : प्रधानमंत्री मोदी
दिलीप
- 15 Feb 2026, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि इस साल का बजट मजबूरी के कारण पैदा हुआ "अभी नहीं तो कभी नहीं" वाला पल नहीं था, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से उपजा "हम तैयार हैं" वाला क्षण था। उन्होंने कहा कि यह बजट एक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की "प्रबल इच्छा" को रेखांकित करता है।
मोदी ने 'पीटीआई-भाषा' के साथ विशेष साक्षात्कार में कहा कि उनकी सरकार का कोई भी बजट सामान्य 'बही खाता' दस्तावेज तैयार करने की मानसिकता से नहीं बनाया गया, क्योंकि "यह हमारा दृष्टिकोण नहीं है।"
प्रधानमंत्री ने कुछ साल पहले लाल किले की प्राचीर से की गई "यही समय है, सही समय है" घोषणा को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार में "अब समय आ गया है" की भावना हमेशा से ही मौजूद रही है।
मोदी ने कहा, "लेकिन आज यह भावना एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता और समूचे समाज को उद्देश्यों के लिए एकजुट करने का संकल्प बन गई है। हमारे राष्ट्र में एक नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है।"
उन्होंने कहा, "विभिन्न प्रकार की चुनौतियों के इस दौर में भी हमारे राष्ट्रीय चरित्र ने अपनी मजबूत पहचान दिखाई है और हम कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी विकास का एक उज्ज्वल उदाहरण हैं।"
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने तय कर लिया है कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में विकास के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है और क्या यह "अभी नहीं तो कभी नहीं" वाली स्थिति है, मोदी ने कहा कि महामारी के बाद की विश्व व्यवस्था भारत के लिए नये द्वार खोल रही है, जिसमें देश व्यापार और नवाचार में नयी दिल्ली के साथ साझेदारी करने के लिए उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा, "हमारे पास एक युवा और कुशल आबादी है; और हम कम मुद्रास्फीति और व्यापक आर्थिक स्थिरता के साथ मजबूत विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारे युवा अंतरिक्ष, खेल और स्टार्टअप जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं। हमने राजनीतिक स्थिरता और सुधार-केंद्रित नीतियां सुनिश्चित की हैं।"
मोदी ने लिखित साक्षात्कार में कहा, "इन घटनाक्रमों के कारण लोग इसे भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में देख रहे हैं। और जब ये घटनाक्रम रफ्तार पकड़ रहे थे, तब देश 'आजादी का अमृत' महोत्सव मना रहा था, जिसने लोगों में मिशन की भावना पैदा की।"
प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ वर्षों में आए व्यावहारिक बदलावों की ओर इशारा करते हुए कहा कि चाहे स्वच्छता हो या कोई अन्य मुद्दा, लोग जानते हैं कि एक विकसित राष्ट्र का निर्माण केवल बुनियादी ढांचे या अर्थव्यवस्था के बारे में नहीं है, बल्कि सामाजिक आदतों के बारे में भी है।
उन्होंने कहा, "इसलिए यह मजबूरी के कारण पैदा हुआ 'अभी नहीं तो कभी नहीं' वाला पल नहीं है। बल्कि, यह तैयारी और प्रेरणा से उपजा 'हम तैयार हैं' वाला क्षण है। यह बजट एक विकसित राष्ट्र बनने की हमारी प्रबल इच्छा को रेखांकित करता है।"
मोदी ने कहा कि इसलिए इस बजट को केवल बजट-2026 के रूप में नहीं, बल्कि 21वीं सदी की दूसरी तिमाही के पहले बजट के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "यह बजट 2014 से अब तक हासिल की गई उपलब्धियों को मजबूती प्रदान करता है और उनकी बुनियाद पर अगले 25 वर्षों के लिए गति मुहैया कराता है। जिस तरह 1920 के दशक में लिए गए फैसलों और पहलों ने 1947 में आजादी की नींव रखी, उसी प्रकार अब हम जो निर्णय ले रहे हैं, वे 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करने की आधारशिला तैयार कर रहे हैं।"
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का कोई भी बजट सामान्य 'बही खाता' दस्तावेज बनाने की मानसिकता के साथ तैयार नहीं किया गया, क्योंकि "यह हमारा दृष्टिकोण नहीं है।"
उन्होंने कहा, "यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे लंबे समय से जनता का आशीर्वाद हासिल है और मैंने 25 वर्षों तक सरकार के प्रमुख के रूप में काम किया है, पहले राज्य स्तर पर और अब राष्ट्रीय स्तर पर। अगर कोई पिछले 25 वर्षों में मेरे दृष्टिकोण पर गौर करे, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि हमारा काम टुकड़ों में नहीं होता है।"
मोदी ने कहा, "हमारे पास एक व्यापक रणनीति, मजबूत कार्य योजना और प्रभावी कार्यान्वयन है, जो 'पूरे देश को एकजुट करने' की सोच, उद्देश्यों को पूरा करने की लगातार जारी प्रतिबद्धता और एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर आधारित है और यह धीरे-धीरे, साल दर साल, चरण दर चरण सामने आ रहा है।"
उन्होंने कहा कि साल 2014 से देश बजट को केवल आंकड़ों, तथ्यों या 'एड-हॉक' घोषणाओं के बही खाते से कहीं अधिक के रूप में देखने लगा है।
'एड-हॉक' घोषणाओं से आशय अचानक उत्पन्न हुई किसी विशेष परिस्थिति या तात्कालिक उद्देश्य के लिए की गई विशेष घोषणा से है।
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के हर बजट में उद्देश्य, उन्हें हासिल करने के लिए स्पष्ट रूपरेखा और कार्यों का क्रम निर्धारित होता है, जिनमें से प्रत्येक को पूरा करने के लिए समय सीमा भी तय की जाती है।
उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करती है, जिसे अगले बजट में अगले तर्कसंगत चरण तक ले जाया जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन वर्षों में हमने पिछली सरकारों से विरासत में मिली संरचनात्मक कमियों को दूर किया है, साहसिक संरचनात्मक सुधार किए हैं, गरीबों के लिए अवसरों का विस्तार किया है, युवाओं को सशक्त बनाया है, महिलाओं की भूमिका को मजबूत किया है और किसानों के लिए गरिमा एवं सुरक्षा सुनिश्चित की है।
उन्होंने कहा, "इसके साथ ही हमने एक समावेशी, प्रौद्योगिकी-आधारित और मानव-केंद्रित कल्याणकारी ढांचा विकसित किया है, जिसकी पहुंच अंतिम छोर तक है और जिससे कोई भी अछूता नहीं है।"
मोदी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण, अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और विकसित भारत की नींव तैयार करना हर स्तर पर हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत रहा है।
उन्होंने कहा, "यह बजट इस यात्रा में अगला चरण है, जो हमारी 'सुधार एक्सप्रेस' को रफ्तार प्रदान करता है। इसे सुधार की गति बढ़ाने और हमारे युवाओं को तेजी से बदलती दुनिया में मौजूद अवसरों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है।"
भाषा पारुल दिलीप
दिलीप
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