वैश्विक सहभागिता अपरिहार्य है, लेकिन बगैर दबाव के होनी चाहिए, यह शुल्क-आधारित नहीं हो : भागवत

वैश्विक सहभागिता अपरिहार्य है, लेकिन बगैर दबाव के होनी चाहिए, यह शुल्क-आधारित नहीं हो : भागवत