आरबीआई के रीट को ऋण देने के प्रस्ताव से विकास को मिलेगी गति : उद्योग
अजय
- 06 Feb 2026, 04:22 PM
- Updated: 04:22 PM
नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने कहा है कि बैंकों को रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) को ऋण देने की अनुमति देने के आरबीआई के प्रस्ताव से किराये से आय वाली संपत्तियों के लिए दीर्घकालिक वित्तपोषण तक पहुंच आसान होगी और ऐसे न्यासों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि इस कदम से रीट के विकास में मदद मिलेगी और इसमें निवेश करने वालों (इकाई धारकों) की आय में वृद्धि होगी।
शुक्रवार को, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए वित्तपोषण के दायरे को व्यापक बनाने के उद्देश्य से कुछ विवेकपूर्ण रक्षोपाय के साथ बैंकों को रीट को ऋण देने की अनुमति देने का प्रस्ताव किया।
रीट ऐसे निवेश माध्यम हैं जो आय उत्पन्न करने वाली रियल एस्टेट संपत्तियों के मालिक होते हैं या उनका संचालन करते हैं। इससे निवेशक सीधे संपत्ति खरीदे बिना ही उससे होने वाली आय में हिस्सा पाने में सक्षम होते हैं।
वर्तमान में, भारत में पांच सूचीबद्ध रीट हैं ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट, एम्बैसी ऑफिस पार्क्स रीट, माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स रीट, नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट और नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट।
नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट के पास किराये से आय वाली रिटेल रियल एस्टेट संपत्तियों का पोर्टफोलियो है, जबकि अन्य चार रीट के पास कार्यालय संपत्तियां हैं।
इंडियन रीट एसोसिएशन (आईआरए) ने रिजर्व बैंक के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक कदम से रीट के लिए वित्तीय ढांचा मजबूत होगा और उनके दीर्घकालिक विकास को समर्थन मिलेगा।
एसोसिएशन के अनुसार, बैंक ऋण तक सीधी पहुंच से रीट को वित्तपोषण का एक स्थिर स्रोत मिलेगा, जो लंबी अवधि तक आय उत्पन्न करने वाली रियल एस्टेट संपत्तियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
आईआरए ने कहा कि वर्तमान में रीट मुख्य रूप से ऋण प्रतिभूतियां जारी कर धन जुटाते हैं, जिनमें निवेशक 3-5 साल की कम अवधि को प्राथमिकता देते हैं। बैंकों को ऋण देने की अनुमति मिलने से ये संस्थान अब लंबी अवधि के लिए आकर्षक ब्याज दरों पर कर्ज प्राप्त कर सकेंगे, जिससे न केवल उनकी लागत कम होगी बल्कि उन्हें अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने में भी मदद मिलेगी।
एम्बैसी रीट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमित शेट्टी ने कहा, ''यह नीतिगत कदम रीट के लिए दीर्घकालिक और स्थिर वित्तपोषण तक पहुंच बढ़ाएगा। यह पारंपरिक पूंजी बाजार वित्तपोषण का पूरक होगा और आय पैदा करने वाले रियल एस्टेट के लिए वित्तपोषण पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार करेगा।''
इस निर्णय से दीर्घकालिक और प्रतिस्पर्धी दरों पर बैंक वित्त प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिससे बही-खाता मजबूत होगा और स्थिर विकास को बढ़ावा मिलेगा।
शेट्टी ने कहा, ''अपने व्यवसाय और रणनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बैंक ऋण विकल्पों और पूंजी बाजार की उपलब्धता के साथ, रीट अधिक विकास करने और अंततः निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने के लिए तैयार हैं।''
नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट रीट के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) नीरज तोशनीवाल ने कहा, ''हम एक निश्चित ढांचे के भीतर रीट को बैंक ऋण देने की अनुमति देने के आरबीआई के कदम का स्वागत करते हैं।''
उन्होंने कहा, ''रीट नियमों को 'इनविट' के समान बनाना अधिक स्पष्टता लाता है और मजबूत 'कॉरपोरेट गवर्नेंस' (पारदर्शिता और जवाबदेही) पर जोर देता है। यह दृष्टिकोण वित्तीय स्थिरता और दीर्घकालिक निवेशक विश्वास सुनिश्चित करते हुए विकास में सहायक होगा।''
भाषा
सुमित अजय
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