'भारतजेन' इस माह 22 भाषाओं पर आधारित एआई मॉडल का कार्य पूरा करेगा: जितेंद्र सिंह
अविनाश
- 05 Feb 2026, 02:58 PM
- Updated: 02:58 PM
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार का संप्रभु बहुभाषी एआई इंजन 'भारतजेन' के इस माह के अंत तक पाठ-आधारित सेवाओं का कार्य पूरा कर लेने की उम्मीद है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री सिंह ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि भारतजेन एआई का विकास एक गतिशील प्रक्रिया है तथा इसमें आगे और भाषाएं एवं बोलियां भी जोड़ी जा सकती हैं।
पूरक प्रश्नों के जवाब में सिंह ने कहा, "हम पहले ही 15 भाषाओं का कार्य पूरा कर चुके हैं। इस महीने के भीतर ही 22 (आधिकारिक) भाषाओं का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस प्रकार इस माह तक सभी 22 भाषाओं में टेक्स्ट (पाठ) मॉड्यूल तैयार हो जाएगा, जबकि 15 भाषाओं में 'स्पीच और विज़न मॉड्यूल' भी उपलब्ध होंगे।"
सिंह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भुवनेश्वर कालिता के पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
अक्टूबर 2024 में शुरू की गई 'भारतजेन' एक सरकारी परियोजना है, जिसका उद्देश्य संप्रभु एआई मॉडल विकसित करना है। इसके तहत भारतीय भाषाओं के लिए 'ऑटोमैटिक स्पीच रिकग्निशन' (एएसआर) और 'टेक्स्ट-टू-स्पीच' (टीटीएस) जैसी सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
मंत्री ने बताया कि भारतजेन पहल को 25 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब्स (टीआईएच) के नेटवर्क के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है, जिनमें से चार को टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशनल रिसर्च पार्क्स (टीटीआरपी) में अद्यतन किया गया है।
बीजू जनता दल के सदस्य सस्मित पात्र के भारतजेन डेटा साझा करने और मूल्य निर्धारण संबंधी प्रश्न के जवाब में सिंह ने कहा कि डेटा कुछ शर्तों और नियमों के तहत साझा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतजेन सेवा को छूट वाले मूल्य पर उपलब्ध कराने पर भी विचार चल रहा है।
आप सदस्य राघव चड्ढा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रौद्योगिकी के विकास के लिए कंप्यूटेशनल आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) की सुनिश्चित पहुँच के बारे में जानना चाहा। इस पर सिंह ने कहा कि एआई विकास की पूरी प्रक्रिया में जीपीयू का केंद्रीय महत्व है। उन्होंने बताया कि बड़े एआई मॉडल के लिए हजारों जीपीयू की आवश्यकता हो सकती है और कंप्यूटर तक पहुँच 'इंडियाआई' मिशन के माध्यम से दी जा रही है।
सिंह ने कहा, "हम विकासशील अवस्था में हैं। मिशन अभी शुरू हुआ है, लेकिन हम चुनौतियों के प्रति सचेत हैं। वित्तपोषण के संदर्भ में, इस सरकार की एक अच्छी पहल यह है कि हमने अब निजी क्षेत्र के लिए दरवाजे खोल दिए हैं और गैर-सरकारी संस्थाओं से अधिक निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।"
वर्तमान में, भारतजेन के एआई मॉडल के तहत 15 भारतीय भाषाओं में काम हो सकता है, जिनमें हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मैथिली, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल और तेलुगु शामिल हैं।
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