ओबीसी हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार की कथनी एवं करनी में अंतर : राजद
माधव
- 03 Feb 2026, 05:26 PM
- Updated: 05:26 PM
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सदस्य संजय यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के हितों का ख्याल नहीं रख रही है और ओबीसी हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार की कथनी एवं करनी में अंतर है।
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश किए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए यादव ने दावा किया कि सरकार के भाषणों में ओबीसी के हितों की खूब चर्चा होती है लेकिन जमीन पर वह नहीं दिखता। प्रचार एवं पोस्टर में ओबीसी नजर आते हैं लेकिन नियुक्तियों में और निर्णय लेने की प्रक्रिया में वे गायब हैं।
उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं ओबीसी समुदाय के साथ सामाजिक न्याय नहीं हो रहा है और सरकार ऐेसे वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम नहीं कर रही है।
राजद सदस्य ने कहा कि देश में हर दूसरा व्यक्ति ओबीसी समुदाय से है लेकिन विभिन्न पदों खासकर निर्णय लेने वाले पदों पर उनकी संख्या पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों के लागू हुए लंबा समय बीत चुका है लेकिन आज भी विश्चविद्यालयों में आरक्षित श्रेणी के तहत आने वाले काफी पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि ओबीसी श्रेणी के तहत नौ लाख पद रिक्त हैं और ''उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिलने'' की बात कर उन पदों को खाली रखा जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में ओबीसी समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और समाज आज भी न्याय की राह देख रहा है।
उन्होंने कहा, "अगर हम ओबीसी की बात करें तो हमें जातिवादी कहा जाता है, और जो लोग हमारे अधिकार छीनते हैं उन्हें राष्ट्रवादी कहा जाता है।"
चर्चा में भाग लेते हुए बीजू जनता दल (बीजद) सदस्य सस्मित पात्रा ने दावा किया कि उनके राज्य ओडिशा की विभिन्न परियोजनाओं में अनदेखी की गयी है। उन्होंने अपनी बात उडिया भाषा में रखी।
पात्रा ने कहा कि सरकार पूर्वात्तर क्षेत्र के विकास की बात करती है लेकिन ओडिशा को भूल जाती है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग सहित विभिन्न क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाओं में राज्य की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कोयले की रॉयल्टी में वृद्धि नहीं किए जाने पर भी आपत्ति जताई।
माकपा सदस्य जॉन ब्रिटास ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि भारत का कृषि बाजार अमेरिका के लिए खोल दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में कोई भी जानकारी संसद को देनी चाहिए थी बजाए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कोई घोषणा करने के।
ब्रिटास ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तो कोई भी अहम फैसले की संसद में घोषणा की जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय का काम भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं और वही बताएंगे कि भारत को किससे तेल खरीदना है।
उन्होंने कहा कि यह देश की संप्रभुता से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि भारत गुट निरपेक्ष आंदोलन (नैम) का अगुवा देश रहा है लेकिन उसने एक देश के राष्ट्रपति के अपहरण, ग्रीनलैंड या फलस्तीन जैसे मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी।
उन्होंने कहा कि जब मनमोहन सिंह के कार्यकाल में रुपये की कीमत 60 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर थी जब कहा गया है कि रुपया आईसीयू 'गहन चिकित्सा कक्ष' में है लेकिन अब जब डॉलर की कीमत 92 रुपये है तो रुपया कहां है।
माकपा सदस्य ने भाजपा पर केरल की अनेदखी करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र पर जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाया।
भाषा अविनाश माधव
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