व्यापार समझौते में प्रधानमंत्री ने अमेरिका के सामने समर्पण किया: कांग्रेस
नरेश
- 03 Feb 2026, 02:46 PM
- Updated: 02:46 PM
नयी दिल्ली, तीन फ़रवरी (भाषा) कांग्रेस ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के सामने समर्पण कर दिया है।
मुख्य विपक्षी दल ने सरकार से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि क्या वह भारत के कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए पूरी तरह खोलने जा रही है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार को संसद को विश्वास में लेना चाहिए और दोनों सदनों के पटल पर इनके पूरे मसौदे रखे जाएं तथा इन पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''एक साल पहले, प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के दोबारा चुने जाने पर उन्हें बधाई देने के लिए व्हाइट हाउस पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपनी मशहूर झप्पी कूटनीति का पूरा प्रदर्शन किया। भारत-अमेरिका संबंध इससे पहले कभी इतने संभावनाओं से भरे नहीं लगे थे।''
उन्होंने कहा, ''इसके तुरंत बाद एक ट्रेड डील के लिए बातचीत शुरू हुई। लेकिन 10 मई, 2025 की शाम को राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की पहली घोषणा किए जाने के बाद से हालात बिगड़ने लगे। इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ निकटता दिखाते हुए फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की गर्मजोशी से मेजबानी की, जिससे प्रधानमंत्री मोदी की खोखली झप्पी कूटनीति की पोल खुल गई।''
रमेश ने कहा, ''राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय समयानुसार सोमवार देर रात व्यापार समझौते की घोषणा की। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा दी गई जानकारी से यह पूरी तरह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री मोदी ने, जैसा कि उन्होंने 10 मई 2025 को किया था, पूरी तरह समर्पण कर दिया है। उन्होंने निश्चित रूप से राष्ट्रपति ट्रंप को खुश करने की नीति अपनाई है।''
उन्होंने दावा किया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम से भारत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
कांग्रेस नेता ने कहा, "संसद का सत्र जारी है। यूरोपीय संघ और अमेरिका, दोनों के साथ हुए व्यापार समझौतों का मसौदा संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखा जाना चाहिए और उन पर चर्चा होनी चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रूक रोलिन्स ने यह दावा करते हुए एक बयान जारी किया है कि भारत ने अमेरिका से कृषि आयात को उदार बनाया है।"
प्रियंका गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''अमेरिका की ओर से कहा गया है, "अमेरिकी कृषि उत्पाद अब भारतीय बाजार में बिकेंगे जिससे ग्रामीण अमेरिका में पैसा आएगा। इस डील से ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए फायदा सुनिश्चित किया है।''
उनका कहना था, ''भारत के करोड़ों किसान जानना चाहते हैं कि इस व्यापार समझौते की शर्तें क्या हैं? क्या मोदी सरकार भारतीय कृषि क्षेत्र को पूरी तरह अमेरिका के लिए खोलने जा रही है? क्या सरकार भारतीय किसानों को अमेरिकी कंपनियों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में झोंकेगी? क्या हमारे किसानों के हितों से समझौता किया गया है?''
प्रियंका गांधी ने कहा कि जनता के सामने तत्काल स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में देश के किसानों के साथ घातक विश्वासघात किया गया है और किसान को दौराहे पर ला खड़ा किया, जहां रोज़ी रोटी छीनने की बात है और आजीविका पर सीधे हमला है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''भारत की संप्रभुता से भी खिलवाड़ किया गया है।''
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बातचीत के बाद कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है, जिसके तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगने वाला जवाबी शुल्क मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि अब 'मेड इन इंडिया' उत्पादों पर कम शुल्क लगेगा।
भाषा हक
हक नरेश
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