प्रधानमंत्री मोदी ने बजट को 'महत्वाकांक्षी', 'भविष्योन्मुखी' बताया
पारुल
- 01 Feb 2026, 06:53 PM
- Updated: 06:53 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आम बजट 2026-27 को ''महत्वाकांक्षी'' और ''भविष्योन्मुखी'' बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करेगा, क्योंकि देश के 140 करोड़ नागरिक इसके सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने से संतुष्ट नहीं हैं और राष्ट्र जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से बजट पेश किए जाने के बाद टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि यह एक अनूठा बजट है, जिसमें राजकोषीय घाटे को कम करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है और साथ ही साथ उच्च पूंजीगत व्यय एवं उच्च विकास सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने कहा, ''यह बजट भारत की वैश्विक भूमिका को फिर से मजबूत करता है। भारत के 140 करोड़ नागरिक देश के सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने से संतुष्ट नहीं हैं, और राष्ट्र जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए दृढ़ संकल्पित है।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक भरोसेमंद लोकतांत्रिक साझेदार और विश्वसनीय गुणवत्तापूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि भारत की ओर से हाल में किए गए प्रमुख व्यापार समझौतों का उद्देश्य देश के युवाओं और लघु एवं मध्यम उद्यमों को अधिकतम लाभ पहुंचाना है तथा इस बजट में इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
मोदी ने कहा, ''आज का बजट ऐतिहासिक है और देश की महिलाओं की सशक्त भावना को दर्शाता है। यह बजट महत्वाकांक्षी है और देश की आकांक्षाओं को पूरा करता है।''
प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री और उनकी टीम को गांवों, गरीबों और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित ''भविष्योन्मुखी'' और ''संवेदनशील'' बजट पेश करने के लिए बधाई दी।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीतारमण ने एक महिला वित्त मंत्री के रूप में लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है।
मोदी ने कहा, ''यह बजट 2047 तक 'विकसित भारत' की ओर हमारी यात्रा की नींव है। इस वर्ष का बजट भारत की 'सुधार एक्सप्रेस' को नयी ऊर्जा और नयी गति प्रदान करेगा।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट विश्वास आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे की परिकल्पना को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि बजट 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा पेश करता है।
मोदी ने कहा कि बायोफार्मा शक्ति मिशन, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक घटक विनिर्माण योजना, रेयर अर्थ कॉरिडोर का निर्माण, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र को मजबूत करने, वस्त्र क्षेत्र में नयी योजनाएं, हाई-टेक उपकरणों के निर्माण को प्रोत्साहन देने और अग्रणी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तैयार करने जैसे अभूतपूर्व समर्थन दूरदर्शी हैं और राष्ट्र की वर्तमान एवं भविष्य की जरूरतों को पूरा करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लघु एवं कुटीर उद्योगों समेत एमएसएमई को दिया गया समर्थन उन्हें स्थानीय स्तर से वैश्विक स्तर तक विकसित होने में सक्षम बनाएगा।
मोदी ने कहा कि यह दूरदर्शी बजट है और देश की वर्तमान और भविष्य, दोनों ती जरूरतों को पूरा करता है।
उन्होंने कहा, ''बजट में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं, जिनमें एक समर्पित माल ढुलाई गलियारा, देशभर में जलमार्गों का विस्तार, एक हाई-स्पीड रेल गलियारा, दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों के विकास पर विशेष ध्यान देना और शहरों के लिए मजबूत आर्थिक आधार प्रदान करने के वास्ते नगरपालिका बांड को बढ़ावा देना शामिल है।''
मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ये सभी उपाय 'विकसित भारत' की ओर यात्रा को गति प्रदान करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी उसके नागरिक होते हैं और हाल के वर्षों में सरकार ने उनकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कौशल, व्यापकता और स्थिरता को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सीतारमण के इस कथन को दोहराते हुए कि यह युवा शक्ति का बजट है, मोदी ने इस बात पर बल दिया कि बजट में किए गए प्रावधान विभिन्न क्षेत्रों में नवप्रवर्तकों और निर्माताओं को तैयार करेंगे।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा केंद्रों की स्थापना, संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों की नियुक्ति, ऑडियो-विजुअल सहित 'ऑरेंज इकोनॉमी' को बढ़ावा देने और पर्यटन तथा खेलो इंडिया मिशन को प्रोत्साहित करने के माध्यम से युवाओं के लिए नये अवसर खुलेंगे।
मोदी ने कहा कि भारत को विश्व का 'डेटा सेंटर हब' बनाने के लिए एक बड़ी कर छूट की घोषणा की गई है।
युवाओं को विशेष बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इस बजट से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, विशेष रूप से पूर्वोत्तर में और विभिन्न राज्यों को सशक्त बनाकर संतुलित विकास की नींव को मजबूत किया गया है।
मोदी ने कहा कि 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के नेतृत्व और संचालन वाले स्वयं सहायता समूहों के लिए एक आधुनिक तंत्र के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है, ताकि हर परिवार में समृद्धि आए।
मोदी ने कहा कि प्रत्येक जिले में नये छात्रावासों के निर्माण का अभियान शिक्षा को अधिक सुलभ बनाएगा।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन को सरकार ने हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि इस बजट में नारियल, काजू, कोको और चंदन के उत्पादन में लगे किसानों के लिए महत्वपूर्ण उपाय किए गए हैं।
मोदी ने कहा कि 'भारत विस्तार' एआई टूल किसानों को उनकी अपनी भाषा में जानकारी उपलब्ध कराकर उनकी बहुत मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन और पशुपालन में उद्यमिता को बढ़ावा देने से गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।
भाषा देवेंद्र पारुल
पारुल
0102 1853 दिल्ली