केरल : कांग्रेस नेताओं ने बजट में प्रस्तावित दुर्लभ खनिज गलियारे के प्रस्ताव को लेकर संशय जताया
नेत्रपाल
- 01 Feb 2026, 06:47 PM
- Updated: 06:47 PM
तिरुवनंतपुरम, एक फरवरी (भाषा) केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक वी डी सतीशन ने शनिवार को केंद्रीय बजट में घोषित दुर्लभ खनिज गलियारे पर संशय जताते हुए आरोप लगाया कि यह राज्य के संसाधनों को कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपने का प्रयास हो सकता है।
सतीशन ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए संवाददाताओं से कहा कि दुर्लभ खनिज गलियारे के लिए नीतिगत ढांचा राज्य सरकार के साथ परामर्श करने के बाद ही तैयार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''इसे कॉरपोरेट कंपनियों के लिए केरल के दुर्लभ खनिज संसाधनों को चुराने का अवसर नहीं बनाया जाना चाहिए। मैं इस परियोजना को संदेह की नजर से देखता हूं।''
सतीशन ने कोल्लम तट के पास समुद्र में गाद निकालने के पूर्व प्रस्ताव को याद किया। उन्होंने आरोप लगाया, ''यह राज्य में सबसे अधिक समुद्री संसाधनों वाला क्षेत्र है और साथ ही दुर्लभ खनिजों के सबसे अधिक भंडार वाला क्षेत्र भी है। उस समय गाद निकालने के प्रस्ताव का उद्देश्य इन खनिज संसाधनों तक पहुंचना था।''
कांग्रेस नेता ने कहा कि कई लोग राज्य में मौजूद दुर्लभ खनिज भंडारों को एक मूल्यवान खजाने के रूप में देखते हैं।
सतीशन ने केंद्रीय बजट में केरल के लिए घोषित समुद्री कछुआ संरक्षण परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह राज्य के अस्तित्व को मात्र स्वीकार करने का एक प्रतीकात्मक प्रयास प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा, ''किसी राज्य का इस हद तक उपहास कैसे किया जा सकता है? फिर भी, केंद्रीय मंत्री यहां आकर बड़े-बड़े दावे करते हैं।''
रबर की कीमतों के मुद्दे पर, सतीशन ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के आश्वासन राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के चुनावी घोषणापत्रों तक ही सीमित रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार किसानों के लिए पर्याप्त कदम उठा रही है।
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने भी बजट में प्रस्तावित दुर्लभ खनिज गलियारे को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा समर्थित कॉरपोरेट कंपनियों ने खनिज क्षेत्र में प्रवेश किया है।
उन्होंने कहा, ''केरल के बहुमूल्य खनिज संसाधनों के खनन का अधिकार सार्वजनिक क्षेत्र के पास है। प्रस्तावित कॉरिडोर का विवरण सामने आने के बाद ही यह समझा जा सकता है कि इसके पीछे कोई गुप्त एजेंडा है या नहीं।''
वेणुगोपाल ने कहा कि बजट का सबसे चिंताजनक पहलू केरल की पूर्ण उपेक्षा है। उन्होंने कहा, ''2013-14 में संप्रग सरकार ने केरल के लिए एम्स का वादा किया था। तब से 13 साल बीत चुके हैं और देश भर में कई एम्स की घोषणा होने के बावजूद, केरल को इस बजट में एक बार फिर से एम्स से वंचित कर दिया गया है।''
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, आयुर्वेद और पारंपरिक उद्योगों जैसे क्षेत्रों के लिए केरल-विशिष्ट परियोजनाओं की घोषणा नहीं की गई है, जिनके लिए राज्य में बड़ी संभावनाएं हैं।
वेणुगोपाल ने हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के बारे में कहा कि 'मेट्रोमैन' ई श्रीधरन ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ चर्चा के बाद काफी उम्मीदें जताई थीं, लेकिन केरल को इससे बाहर रखा गया, जबकि देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल
0102 1847 तिरुवनंतपुरम