एनसीआर में सक्रिय मादक पदार्थ गिरोह का भंडाफोड़, दो विदेशी नागरिक गिरफ्तार
सुरेश
- 01 Feb 2026, 06:45 PM
- Updated: 06:45 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने रविवार को कहा कि उसने पश्चिमी दिल्ली में दो विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के साथ मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 'सिंथेटिक' मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले इस अभियान को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों के पास से एमडीएमए और 'एक्स्टसी' की गोलियां जब्त की गई।
आरोपियों की पहचान नाइजीरियाई नागरिक प्रेशियस उर्फ प्रॉमिस (26) और घाना के नागरिक जेफ्री बोटेंग उर्फ माइक (44) के रूप में हुई है। दोनों पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर में रह रहे थे।
पुलिस के अनुसार, राजधानी भर में 'सिंथेटिक' मादक पदार्थों की आपूर्ति में शामिल तस्करों की गतिविधियों के बारे में मिली सूचना के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं।
अभियान के दौरान, पुलिस ने प्रेशियस के पास से 270 ग्राम एमडीएमए और लगभग 18 ग्राम वजन की 40 'एक्स्टसी' गोलियां बरामद कीं और जेफ्री बोटेंग के पास से अतिरिक्त 72 ग्राम एमडीएमए बरामद किया।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम को सूचित किया गया था कि मादक पदार्थ की आपूर्ति करने के लिए प्रेशियस मोहन गार्डन के पास पहुंचेगा।
पुलिस ने बताया कि छापेमारी दल को घटनास्थल पर भेजा गया। पुलिस के अनुसार, रात 11:50 बजे एक व्यक्ति घटनास्थल पर पहुंचा तो उसे पकड़ लिया गया, जिसकी पहचान प्रेशियस उर्फ प्रॉमिस के रूप में हुई और तलाशी के दौरान उसके पास से मादक पदार्थ और 'एक्स्टसी' की गोलियां बरामद हुईं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ''प्रीशियस को पिछले साल नौ दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह 2022 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी थी और वह देश में अवैध रूप से रह रहा था। उसने जांचकर्ताओं को बताया कि वह पश्चिमी दिल्ली में अपने साथियों से मादक पदार्थ खरीदता था और फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके भारतीय ग्राहकों को इसकी आपूर्ति करता था। पकड़े जाने से बचने के लिए वह संदेशों को डिलीट कर देता था।''
पुलिस ने आगे बताया कि जांच के बाद 30 जनवरी को उत्तम नगर में जेफ्री बोटेंग को गिरफ्तार किया गया। वह 2018 में पर्यटक वीजा पर भारत आया था और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी यहां रुका रहा।
पूछताछ के दौरान, बोटेंग ने स्वीकार किया कि वह प्रेशियस के साथ मिलकर मादक पदार्थ गिरोह चला रहा था और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मादक पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था।
भाषा शुभम सुरेश
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0102 1845 दिल्ली