वित्त मंत्री सीतारमण ने राहुल पर किया पलटवार; देश की आर्थिक बुनियाद को बताया मजबूत
दिलीप
- 01 Feb 2026, 06:43 PM
- Updated: 06:43 PM
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और बजट समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को पूरा करता है।
सीतारमण ने कहा, ''मुझे नहीं पता कि (राहुल) गांधी किन चीजों को दुरुस्त करने की बात कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था और उसकी बुनियाद मजबूत है। वैश्विक अनिश्चितता हमारे कई क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है, जिनके लिए हमने लघु एवं मध्यम उद्यमों, वस्त्र उद्योग, चमड़ा उद्योग... किसानों और महिला उद्यमियों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।''
उन्होंने बजट के बाद मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि सरकार इन तरीकों से आम लोगों तक पहुंच रही है और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित कर रही है।
वित्त मंत्री लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा 'एक्स' पर एक पोस्ट में की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रही थीं।
इससे पहले गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''युवाओं के पास नौकरी नहीं है, विनिर्माण गिर रहा है, निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं, घरेलू बचत घट रही है, किसान संकट में हैं, आसन्न वैश्विक झटके, सभी को नजरअंदाज कर दिया गया।''
उन्होंने दावा किया कि यह एक ऐसा बजट, जिसमें चीजों को दुरुस्त करने के बजाय वास्तविक संकटों से आंख मूंद ली गई।
वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि लखपति दीदियों ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में एक शानदार बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि उन्नत और नवोन्मेषी वित्तपोषण साधनों के माध्यम से क्लस्टर स्तर के संघों के भीतर सामुदायिक स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट के रूप में स्वयं सहायता उद्यमी (शी) मार्ट्स स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ''हम गरीबों, दुर्गम इलाकों या ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों तक पहुंच रहे हैं।''
सीतारमण ने कहा, ''अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे मजबूत बने हुए हैं और यह बात आर्थिक समीक्षा में भी स्पष्ट हो गई है। तो, अगर आप राजनीतिक रूप से आलोचना करना चाहते हैं... तो आपका स्वागत है, कृपया ऐसा करें। लेकिन अगर आप मुझे अपने तर्क के आधार पर तथ्य बताना चाहते हैं, तो मैं सुनने और जवाब देने के लिए तैयार हूं।''
लोकसभा में रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा, ''12 साल पहले जब हमने सत्ता संभाली थी, तब से भारत की आर्थिक प्रगति स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, निरंतर विकास और मध्यम मुद्रास्फीति वाली रही है। यह उन सचेत निर्णयों का परिणाम है, जो हमने अत्यधिक अनिश्चितता और व्यवधान के समय में भी लिए हैं।''
उन्होंने कहा, ''हमने सार्वजनिक निवेश पर ज़ोर देते हुए व्यापक संरचनात्मक सुधारों, राजकोषीय सूझबूझ और मौद्रिक स्थिरता को अपनाया है। आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक सिद्धांत मानते हुए हमने घरेलू विनिर्माण क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा का निर्माण किया है और आयात पर निर्भरता को कम किया है।''
भाषा सुभाष दिलीप
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