दशकों से राजस्थान रोडवेज बसों से रंगदारी वसूल रहे गिरोह पर लगा पूर्णविराम, आठ गिरफ्तार
नरेश
- 01 Feb 2026, 06:39 PM
- Updated: 06:39 PM
कोटा (राजस्थान), एक फरवरी (भाषा) पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो कथित तौर पर राजस्थान रोडवेज बसों के परिचालकों को बिना टिकट जारी किए यात्रियों से किराया वसूलने के लिए बाध्य कर उनसे रंगदारी वसूलता था तथा उसके एवज में उन्हें (परिचालकों को) सतर्कता जांच से सुरक्षा प्रदान करता था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि झालावाड़ पुलिस ने 12 जिलों में एक साथ छापा मारकर आठ लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें गिरोह का सरगना झालावाड़ का निर्दलीय पार्षद नरेंद्र सिंह राजावत भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि इसी के साथ, दशकों से राज्य परिवहन निगम को भारी नुकसान पहुंचा रहे इस गिरोह के धंधे को समाप्त कर दिया गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि 'ऑपरेशन क्लीन राइड' के तहत पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन में पैसों के लेन-देन का वीडियो भी बनाया था।
उन्होंने कहा कि अपने शुरुआती दिनों में यह गिरोह निगरानी दलों से संबंधित संदेश एसटीडी फोन बूथ के माध्यम से बस परिचालकों तक पहुंचाता था, इसलिए इसे 'एसटीडी गिरोह' के नाम से जाना जाने लगा।
उन्होंने कहा कि गिरोह रोडवेज बसों के कर्मियों को धमकी देता था कि यदि उन्होंने रंगदारी नहीं दी तो वह यात्रियों को टिकट नहीं जारी करने संबंधी झूठी भ्रष्टाचार शिकायत में फंसा देगा तथा उन्हें नौकरी से निकलवा देगा।
पुलिस ने बताया कि गिरोह ने कथित तौर पर 'बड़े पैमाने पर बिना टिकट यात्रा' को बढ़ावा दिया और 'गोपनीय सतर्कता संबंधी जानकारी' साझा की, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को राजस्व का भारी नुकसान हुआ।
पुलिस ने दावा किया कि गिरोह की गतिविधियों के कारण कुछ स्थानों पर राजस्व में 40 प्रतिशत तक की हानि हुई।
शनिवार को इस मामले का विस्तार से जिक्र करते हुए, झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि 24 दिसंबर, 2025 को प्राप्त एक गोपनीय शिकायत के बाद, पुलिस ने गुप्त जांच शुरू की।
अमित कुमार ने बताया कि जांच दल ने तकनीकी साक्ष्य, 'कॉल डिटेल रिकॉर्ड' और यूपीआई लेनदेन विवरण एकत्र किए तथा एक गुप्त ऑपरेशन चलाकर गिरोह के सदस्यों का विभिन्न बस स्टैंडों पर परिचालकों से अवैध भुगतान लेते हुए वीडियो बना लिया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जांच निष्कर्ष के आधार पर, एक समन्वित छापेमारी योजना तामील की गयी और सभी गिरफ्तारियां एक साथ की गईं ताकि उन्हें (गिरोह के सदस्यों को) भागने या सबूत नष्ट करने का समय न मिले।
अमित कुमार के अनुसार पुलिस ने गिरोह के सरगना नरेंद्र सिंह राजावत समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा उनके पास से 11,57,980 रुपये नकद, तीन कारें, दो मोटरसाइकिलें, एक लैपटॉप, 15 मोबाइल फोन, एक जासूसी कैमरा पेन, रोडवेज पहचान पत्र, एसटीडी डायरी, बस सुरक्षा पर्ची, पासबुक, चेकबुक और कई अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
पुलिस ने बताया कि कई वर्षों से सक्रिय यह गिरोह प्रति परिचालक प्रति फेरे 50 से 200 रुपये तथा प्रति बस 1,200 से 2,500 रुपये तक की रकम चेकिंग से बचने और उल्लंघनों को दबाने के बदले में वसूलता था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रंगदारी न देने वाले परिचालकों को कथित तौर पर सतर्कता विभाग की शिकायतों और उत्पीड़न के माध्यम से निशाना बनाया जाता था।
भाषा राजकुमार नरेश
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0102 1839 कोटा