ईडी ने रिलायंस समूह की कंपनियों की 1,800 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कीं
नरेश
- 28 Jan 2026, 08:39 PM
- Updated: 08:39 PM
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को कहा कि उसने रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी की कंपनियों के खिलाफ जारी धनशोधन जांच के तहत 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की नयी संपत्तियों को कुर्क किया है।
इस ताजा कार्रवाई के साथ ही इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा कुर्क की गई कुल संपत्ति का मूल्य अब लगभग 12,000 करोड़ रुपये हो गया है।
ईडी ने एक बयान में कहा कि उसने इस संदर्भ में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चार अलग-अलग अंतरिम आदेश जारी किए हैं।
इसमें कहा गया है कि कुर्क की गई संपत्तियों में बैंक जमा, गैर-सूचीबद्ध निवेशों में शेयरधारिता और कुछ अचल संपत्तियां शामिल हैं।
रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल), यस बैंक "धोखाधड़ी" के साथ-साथ रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड से जुड़े एक कथित धोखाधड़ी के मामलों में कुर्की की गई है।
एजेंसी ने बताया कि नए अधिरोपित शेयरों में बीएसईएस यमुना पावर, बीएसईएस राजधनी पावर और 'मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट' में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की शेयरधारिता शामिल है।
इसमें कहा गया है, "वैल्यू कॉर्प फाइनेंस एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड के पास मौजूद 148 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि और 143 करोड़ रुपये की प्राप्य राशि को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया गया है।"
ईडी ने बताया कि कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी अंगराई सेथुरमन के नाम पर स्थित एक आवासीय मकान और एक अन्य वरिष्ठ कर्मचारी पुनीत गर्ग की पत्नी के शेयर और म्यूचुअल फंड भी कुर्क कर लिए गए हैं।
एजेंसी ने बताया कि कुर्क की गयी कुल संपत्ति का मूल्य 1,885 करोड़ रुपये है।
अनिल अंबानी समूह की कंपनियों ने अतीत में किसी भी प्रकार के गलत काम से इनकार किया है।
एजेंसी ने कहा कि उसने रिलायंस अनिल अंबानी समूह की विभिन्न कंपनियों, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), आरएचएफएल, आरसीएफएल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आरआईएल) और रिलायंस पावर लिमिटेड (आरपीएल) शामिल हैं, द्वारा सार्वजनिक धन के "धोखाधड़ीपूर्ण दुरुपयोग" का पता लगाया है।
यस बैंक ने कहा कि 2017-2019 के दौरान उसने आरएचएफएल उपकरणों में 2,965 करोड़ रुपये और आरसीएफएल में 2,045 करोड़ रुपये का निवेश किया।
दिसंबर 2019 तक ये निवेश "गैर-निष्पादित" हो गए और आरएचएफएल का बकाया 1,353.50 करोड़ रुपये और आरसीएफएल का 1,984 करोड़ रुपये था।
ईडी के अनुसार, आरएचएफएल और आरसीएफएल को 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की सार्वजनिक धनराशि प्राप्त हुई।
एजेंसी ने कहा कि सीबीआई की प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए वह आरकॉम, अनिल अंबानी और अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश
2801 2039 दिल्ली