असम में बांग्लादेशी मियां रहते हैं, भाजपा ने एसआर में उनके खिलाफ पांच लाख शिकायतें दर्ज कराईं: हिमंत
नरेश
- 28 Jan 2026, 08:01 PM
- Updated: 08:01 PM
(फाइल फोटो के साथ)
शिवसागर, 28 जनवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि राज्य में "बांग्लादेशी मियां" रहते हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एसआर) के दौरान ऐसे "विदेशियों" के खिलाफ पांच लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई हैं।
शिवसागर जिले के डेमो में एक आधिकारिक समारोह से इतर संवाददाताओं से बातचीत में शर्मा ने कहा कि "अज्ञात लोग" अब यहां से चले गए हैं और अपर असम के विभिन्न जिलों में रह रहे हैं, जहां पांच साल पहले तक ऐसा एक भी "संदिग्ध व्यक्ति" नहीं रहता था।
उन्होंने कहा, "असम में हम सभी जानते हैं कि बांग्लादेशी मियां यहां आकर रहने लगे हैं। अगर उनमें से किसी को भी एसआर से जुड़ा नोटिस नहीं मिलता है, तो इसका मतलब यह होगा कि असम में एक भी विदेशी नहीं है।"
शर्मा ने कहा, "इसीलिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने किसी के विदेशी होने का संदेह होने पर शिकायत दर्ज कराई है और सरकार या निर्वाचन आयोग इसकी जांच करेगा। लेकिन अगर हम कोई शिकायत दर्ज नहीं कराते हैं, तो कल लोग सवाल उठाएंगे कि विदेशियों के खिलाफ एक भी शिकायत क्यों नहीं दर्ज की गई।"
'मियां' मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है और गैर-बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी प्रवासी के रूप में पहचानते हैं। हाल के वर्षों में, समुदाय के कार्यकर्ताओं ने विरोध के प्रतीक के रूप में इस शब्द को अपनाना शुरू कर दिया है।
शर्मा ने कहा कि एसआर के दौरान शिकायत दर्ज कराना असमिया समुदाय का राष्ट्रीय दायित्व है।
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ भाजपा की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। लेकिन दुर्भाग्य से अन्य दलों ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। वे यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि कोई बांग्लादेशी नहीं है। लेकिन भाजपा विदेशियों के खिलाफ है और वह अपने कहे अनुसार काम करती है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "इसीलिए हमारे कार्यकर्ताओं ने पांच लाख से अधिक शिकायतें दर्ज कराई हैं। वरना हर कोई हमारा नागरिक बन जाता। कम से कम भाजपा ने असम की रक्षा करने और यह दिखाने की कोशिश की है कि असमिया लोगों ने अभी तक आत्मसमर्पण नहीं किया है।"
असम में विधानसभा चुनावों से पहले किए गए विशेष पुनरीक्षण के बाद पिछले साल 30 दिसंबर को प्रकाशित एकीकृत मसौदा मतदाता सूची में राज्य में मतदाताओं की संख्या में 1.35 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।
शर्मा ने दावा किया कि हाल के वर्षों में "बांग्लादेशी मियां" अपर असम के विभिन्न जिलों में प्रवेश कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, "दुलियाजान के लोगों ने मुझसे शिकायत की है कि बांग्लादेशी मियां वहां घुस आए हैं। मार्गेरिटा में भी यही हाल है। आपने गोलाघाट के सरूपथर में हमारा बेदखली अभियान देखा है। लगभग पांच साल पहले तक अपर असम सुरक्षित था। लेकिन अब धीरे-धीरे यह सुरक्षा नदारद होती जा रही है।"
शर्मा ने दावा किया कि तिनसुकिया जिले में "अज्ञात लोग" अधिक जमीन खरीद रहे हैं और हिंदू अधिक जमीन बेच रहे हैं।
उन्होंने कहा, "एक समय था, जब हम सोचते थे कि तिनसुकिया में हिंदी और बांग्ला भाषी लोग रहते हैं। लेकिन वहां भी ये अज्ञात बांग्लादेशी मियां आ गए हैं। इसलिए आज के समय में असम का कोई भी स्थान और कोई भी जिला सुरक्षित नहीं है।"
भाषा पारुल नरेश
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2801 2001 शिवसागर