जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए आंशिक रूप से बहाल
धीरज
- 28 Jan 2026, 04:14 PM
- Updated: 04:14 PM
(तस्वीरों के साथ)
श्रीनगर, 28 जनवरी (भाषा) कश्मीर घाटी में लगातार हो रही बर्फबारी की वजह से मंगलवार को यातायात के लिए बंद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बुधवार को आंशिक रूप से खोल दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, ''बर्फ साफ करने के बाद सड़क को दोनों तरफ से आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।''
हालांकि, उन्होंने कहा कि इस 270 किलोमीटर लंबे राजमार्ग पर केवल हल्के मोटर वाहनों के आवाजाही की ही अनुमति दी गई है।
यह राजमार्ग सभी मौसमों में कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र सड़क मार्ग है।
अधिकारियों ने कहा कि राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह से बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने बताया कि बर्फबारी के कारण राजमार्ग के कुछ हिस्सों में फिसलन की स्थिति है, जिसे देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के कर्मी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए सड़क पर नमक और यूरिया का छिड़काव कर रहे हैं।
कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को बर्फबारी होने के कारण राजमार्ग पर यातायात और श्रीनगर हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन रोक दिए गए थे।
हालांकि, बुधवार सुबह हवाई अड्डे पर उड़ानों का परिचालन फिर से शुरू हो गया।
इस बीच, अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार रात को कश्मीर के अधिकांश स्थानों पर रात का तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे तक लुढ़क गया लेकिन श्रीनगर में रात का तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा। शहर का न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से एक डिग्री ऊपर था।
अधिकारियों के अनुसार, पूरे कश्मीर में केवल श्रीनगर (0.1 डिग्री) और बारामूला (0.4 डिग्री) ही ऐसे स्थान रहे, जहां रात का तापमान शून्य से ऊपर रहा।
वहीं, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग और मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 9.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। वहीं, काजीगुंड, कोकरनाग और कुपवाड़ा में यह क्रमश: शून्य से 4.3 डिग्री, 2.6 डिग्री नीचे, 0.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
कश्मीर घाटी वर्तमान में 'चिल्ला-ए-कलां' के दौर में है, जो 40 दिनों की भीषण ठंड की अवधि है। इस दौरान रात का तापमान अक्सर जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे गिर जाता है और बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है।
पिछले साल 21 दिसंबर को शुरू हुआ 'चिल्ला-ए-कलां' 30 जनवरी को समाप्त होगा।
मौसम विभाग ने बुधवार को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है और कहा है कि इसके बाद 31 जनवरी तक मौसम मुख्य रूप से बादल छाए रहने के साथ शुष्क रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र को एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक फरवरी को प्रभावित कर सकता है, जिससे एक बार फिर बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है।
भाषा प्रचेता धीरज
धीरज
2801 1614 श्रीनगर