सरकार सभी वर्गों के लिए समानता और सामाजिक न्याय के वास्ते काम कर रही है : राष्ट्रपति मुर्मू
माधव
- 28 Jan 2026, 02:37 PM
- Updated: 02:37 PM
( तस्वीरों सहित )
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार दलित, पिछड़े वर्ग, हाशिए पर रहने वाले और आदिवासी समुदाय सहित सभी वर्गों के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और 'सबका साथ, सबका विकास' का दृष्टिकोण सभी नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
उन्होंने यह बात संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कही, जो बजट सत्र के पहले दिन हुई।
राष्ट्रपति ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' का दृष्टिकोण सभी नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 के आरंभ में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ केवल 25 करोड़ नागरिकों तक पहुँच पाता था, लेकिन सरकार के निरंतर प्रयासों के चलते अब लगभग 95 करोड़ भारतीय सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं।
मुर्मू ने संविधान के शिल्पकार बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा समानता और सामाजिक न्याय पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमारा संविधान हमें इसी भावना की प्रेरणा देता है।"
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सामाजिक न्याय का अर्थ है कि प्रत्येक नागरिक को भेदभाव के बिना अपने सभी अधिकारों का उपयोग करने का अवसर मिले।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार सामाजिक न्याय के मूल अर्थ को लेकर पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, और पिछले दशक में इस प्रयास के परिणामस्वरूप 25 करोड़ नागरिक गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने की मुहिम और अधिक गति के साथ आगे बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में गरीबों के लिए चार करोड़ पक्के मकान बनाए गए, और केवल पिछले वर्ष ही 32 लाख नए मकानों का स्वामित्व गरीबों को दिया गया।
उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के पांच वर्षों में 12.5 करोड़ नए घरों को पाइप से जल की सुविधा दी गई, जबकि पिछले वर्ष ही लगभग एक करोड़ नए घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए।
मुर्मू ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत अब तक दस करोड़ से अधिक घरों को एलपीजी कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है, और यह अभियान पिछले वर्ष विशेष गति से आगे बढ़ा।
राष्ट्रपति ने कहा, "मेरी सरकार प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी को संस्थागत रूप दे रही है। पिछले एक वर्ष में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों को 6.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ सीधे प्रदान किया है।"
भाषा मनीषा माधव
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