आंबेडकर का जिक्र न करने से उपजा विवाद; वन विभाग कर्मी ने महाजन से लिखित में माफी की मांग की
सुभाष
- 28 Jan 2026, 12:00 AM
- Updated: 12:00 AM
नासिक, 27 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के वन विभाग की कर्मचारी माधवी जाधव ने गणतंत्र दिवस के भाषण में डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम का उल्लेख नहीं करने को लेकर राज्य के मंत्री और भाजपा नेता गिरीश महाजन से लिखित में माफी की मांग की।
सोमवार को नासिक में एक आधिकारिक समारोह में जल संसाधन मंत्री के भाषण के दौरान जाधव ने आपत्ति जताई थी।
हालांकि, महाजन ने स्पष्ट किया कि आंबेडकर का उल्लेख न करना अनजाने में हुआ था और उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी, लेकिन जाधव ने इस बात पर जोर दिया कि वह इसे लिखित में दें।
जाधव ने मंगलवार को कहा, "यह गिरीश महाजन का सौभाग्य और मेरा दुर्भाग्य है कि इस मामले में अत्याचार निवारण अधिनियम लागू नहीं होता है।"
महाजन से अनजाने में हुई चूक के तर्क को खारिज करते हुए जाधव ने कहा कि मंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के नाम तो लिए, लेकिन संविधान निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर का जिक्र करना जानबूझकर छोड़ दिया।
उन्होंने कहा, "महाजन को बाबासाहेब आंबेडकर के सभी अनुयायियों से लिखित में माफी मांगनी चाहिए।"
इस घटना के बाद, जाधव ने नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में महाजन के खिलाफ अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के लिए आवेदन दिया।
घटना पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
इस बीच, महाजन ने अपने भाषण में आंबेडकर का जिक्र न करने को लेकर मंगलवार को खेद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, "इसमें कोई दो राय नहीं है। कोई भी अपनी मांग रख सकता है। मैंने कल भी स्पष्ट किया था। मेरे भाषण के बाद मुझे इस हंगामे के बारे में पता चला। मेरा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है। भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के प्रति मेरे मन में गहरा आदर है। मैं इस घटना के लिए माफी मांगता हूं।"
वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) प्रमुख और डॉ. भीमराव आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर ने संविधान निर्माता का उल्लेख न किए जाने को लेकर मंत्री महाजन को पद से हटाने की मांग की।
प्रकाश आंबेडकर ने कहा, "संभव है कि भाषण की मूल सामग्री में बाबासाहेब का उल्लेख न हो और इसलिए उन्होंने उनका नाम नहीं लिया। यदि मूल सामग्री में बाबासाहेब का नाम नहीं था, तो उसे लिखने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन यदि मूल सामग्री में उल्लेख था और फिर भी महाजन ने बाबासाहेब का नाम नहीं लिया तो मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि यह चूक कोई छोटी गलती नहीं थी।
प्रकाश आंबेडकर से जब पूछा गया कि महाजन के खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए तो उन्होंने कहा कि उन्हें मंत्रिमंडल से हटा देना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''अगर महाजन को यह नहीं पता कि संविधान किसने लिखा है तो उन्हें मंत्रिमंडल में रखने का क्या मतलब है?"
भाषा शुभम सुभाष
सुभाष
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