झारखंड : उद्योगपति के बेटे को अपहरण के दो सप्ताह बाद हजारीबाग से बचाया गया
सुरेश
- 27 Jan 2026, 10:20 PM
- Updated: 10:20 PM
जमशेदपुर, 27 जनवरी (भाषा) झारखंड में जमशेदपुर के एक उद्योगपति के बेटे को मंगलवार तड़के हजारीबाग ज़िले के बरही इलाके से सुरक्षित बचा लिया गया। उसे करीब दो सप्ताह पहले अगवा कर लिया गया था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि उद्योगपति देवांग गांधी के बेटे कैरव (24) का अपहरण उस समय किया गया था, जब वह सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में अपने कार्यालय जा रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पूर्वी सिंहभूम) पीयूष पांडे ने कहा, ''पुलिस ने कैरव गांधी को जीटी रोड के चौपारण-बरही खंड से आधी रात को बचाया और मंगलवार तड़के उसे उसके परिवार को सौंप दिया।''
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कैरव का अपहरण करने वाले गिरोह की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है।
पांडे ने एक सवाल के जवाब में कहा कि परिवार के सदस्यों को फिरौती के लिए फोन आया था, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या उन्होंने कैरव को सुरक्षित छुड़ाने के लिए कोई रकम चुकाई थी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कैरव को यातना नहीं दी गई और वह स्वस्थ है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गिरोह ने बिस्तुपुर थाना अंतर्गत कदमा-सोनारी लिंक रोड पर सीएच क्षेत्र के पास 24-वर्षीय कैरव को रोका और उसे पुलिस स्टिकर लगी अपनी गाड़ी में बैठने के लिए मजबूर किया, जबकि गिरोह के एक सदस्य ने कैरव की कार चलाई और उसे पड़ोसी सरायकेला-खरसावां जिले के कांदेरबेड़ा में छोड़ दिया।
पुलिस ने घटना वाली रात को ही वाहन बरामद कर लिया था।
बयान में कहा गया, ''पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते, अपराधियों ने हजारीबाग के चौपारण-बरही खंड पर सड़क पर कैरव को छोड़ दिया और फरार हो गए।''
अपहरण के बाद, पुलिस ने 13 जनवरी को मामला दर्ज किया और जांच शुरू की, जिसकी लगातार निगरानी पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा द्वारा की जा रही थी, जो दो दिन पहले क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक के साथ शहर में थीं।
पांडे ने बताया कि पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिया था कि कैरव को सुरक्षित बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा, ''गिरोह का पता लगाने के लिए हमने पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड सहित सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।''
उन्होंने कहा कि उन्हें सोमवार को यह जानकारी मिली थी कि गिरोह के सदस्य लगातार पुलिस छापों के कारण कैरव को किसी अन्य स्थान पर ले ले जाने की योजना बना रहे हैं।
पांडे ने कहा, ''हमारे पास सटीक जानकारी नहीं थी, लेकिन हमने इस पर काम किया और संभावित रास्तों पर पुलिस तैनात कर दी। गिरोह के सदस्यों को आभास हो गया कि पुलिस उनका पीछा कर रही है और उन्होंने हजारीबाग के चौपारण-बरही खंड के बीच वाली सड़क पर कैरव को छोड़ दिया और भाग गए।''
परिवार के सदस्यों के अनुरोध पर, पुलिस सुबह लगभग 4.30 बजे कैरव को सीधे घर ले गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कैरव का स्वास्थ्य अच्छा है और उसने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसके साथ दुर्व्यवहार नहीं किया या यातना नहीं दी।
जब पांडे से पूछा गया कि अपहर्ताओं ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कितने ठिकाने बदले हैं, तो उन्होंने कहा, ''हमने अभी तक कैरव से पूछताछ नहीं की है। वह परिवार के सदस्यों के साथ कुछ समय बिताना चाहता है। फिलहाल, हम विभिन्न स्रोतों से जो भी जानकारी जुटा सकते हैं, उस पर काम कर रहे हैं।''
देवांग गांधी आदित्यपुर लघु उद्योग संघ (एआईएसए) के उपाध्यक्ष एवं बिष्तुपुर के निवासी हैं।
स्थानीय व्यापारियों और राजनीतिक नेताओं ने कैरव को बचाने के लिए पुलिस की सराहना की।
एआईएसए के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''यह वास्तव में पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि है। पुलिस विभाग ने कैरव को सुरक्षित वापस लाने के लिए शत-प्रतिशत प्रयास किया और सभी आवश्यक कदम उठाए। वह ठीक है।''
गांधी के परिवार से मुलाकात करने के बाद अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए एसोसिएशन उद्योगपतियों और व्यावसायिक समुदाय के लिए उचित सुरक्षा की मांग करने के बारे में निर्णय लेगी।
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एससीसीआई) के अध्यक्ष मानव केडिया ने भी कैरव की सुरक्षित वापसी पर खुशी व्यक्त की।
केडिया ने एक बयान में कहा, ''मैंने देवांग गांधी से बात की, जिन्होंने पुलिस विभाग और एससीआईसी के प्रयासों एवं समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।''
भाषा नेत्रपाल सुरेश
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