भारत ऐतिहासिक ऊर्जा मांग विस्तार के बीच वैश्विक ऊर्जा वृद्धि का केंद्र है: यूएई मंत्री
पाण्डेय
- 27 Jan 2026, 06:02 PM
- Updated: 06:02 PM
बेतुल (दक्षिण गोवा), 27 जनवरी (भाषा) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उद्योग मंत्री सुल्तान अहमद अल जबेर ने मंगलवार को कहा कि भारत ऊर्जा मांग की सबसे तेज एवं सबसे जटिल वृद्धि के दौर के केंद्र में मौजूद है जो उभरते बाजारों, कृत्रिम मेधा और ऊर्जा प्रणालियों के व्यापक बदलाव से प्रेरित है।
भारत ऊर्जा सप्ताह (आईईडब्ल्यू) में यूईए के उद्योग एवं उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री तथा एडीएनओसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुल्तान अल जबेर ने कहा कि विश्व के तीसरे सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता के रूप में भारत, वैश्विक मांग को आकार देने वाली एक निर्णायक शक्ति बन गया है।
अगले 15 वर्ष में भारत में हवाई यात्रा में 150 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, शहरी आबादी एक अरब के करीब पहुंच जाएगी और डेटा सेंटर की क्षमता 10 गुना बढ़ जाएगी।
अल जबेर ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में मौजूदा अस्थिरता एक कहीं बड़े संरचनात्मक बदलाव को छिपाती है, एक ऐसा बदलाव जो सावधानी बरतने के बजाय निर्णायक कार्रवाई से जुड़ा है।
उन्होंने कहा, '' वर्तमान उथल-पुथल के पीछे व्यापक बदलाव की एक बड़ी तस्वीर छिपी है। परिवर्तन का लाभ उन्हीं को मिलता है जो साहसपूर्वक आगे बढ़ते हैं, न कि उन लोगों को जो समुद्र के शांत होने का इंतजार करते हैं।''
ऊर्जा के क्षेत्र में आज की कहानी को, एशिया तथा भारत के नेतृत्व में उभरते बाजारों का उदय, कृत्रिम मेधा (एआई) की तेज वृद्धि एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार, और ऊर्जा प्रणालियों का बदलाव परिभाषित करते हैं। यह किसी एक स्रोत पर आधारित सूत्र नहीं है, बल्कि कई स्रोतों का एकीकरण है।
उन्होंने कहा कि अब से लेकर 2040 तक तेल की मांग प्रतिदिन 10 करोड़ बैरल से ऊपर बनी रहेगी। एलएनजी की मांग में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होगी। बिजली की मांग में भी 50 प्रतिशत बढ़ेगी।
अल जबेर ने एआई और डेटा केंद्रों के अलावा, भविष्य में बिजली की खपत के एक प्रमुख चालक के रूप में 'कूलिंग' की बढ़ती मांग का उल्लेख किया।
अनुमान है कि 2050 तक वैश्विक स्तर पर एयर कंडीशनर की संख्या आज के 1.6 अरब से बढ़कर 5.6 अरब हो जाएगी जो अगले 30 वर्ष तक हर सेकंड 10 नई यूनिट की बिक्री के बराबर है।
मंत्री ने कहा कि यूएई-भारत संबंध इस तरह की साझेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है। पिछले साल द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया जिसमें ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी और लॉजिस्टिक्स सहित कई क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में, एडीएनओसी एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बना हुआ है क्योंकि भारत अपनी रिफाइनरी के लिए कच्चे तेल की खपत बढ़ा रहा है, अपने ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस का विस्तार कर रहा है और मकानों को स्वच्छ ईंधन की ओर ले जा रहा है।
भारत, यूएई और वैश्विक साझेदारों के बीच गहरे सहयोग का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, '' दीवारों के इस युग में, हमारा संदेश सरल है: दरवाजे बनाएं और दुनिया उससे होकर गुजरेगी।''
भाषा निहारिका पाण्डेय
पाण्डेय
2701 1802 बेतुल