मुझे खुशी है कि सरकार ने संथाली भाषा के प्रचार-प्रसार में मेरे योगदान को मान्यता दी: चरण हेम्ब्रम
सुभाष
- 25 Jan 2026, 11:39 PM
- Updated: 11:39 PM
भुवनेश्वर, 25 जनवरी (भाषा) संथाली साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 73 वर्षीय साहित्यकार चरण हेम्ब्रम ने रविवार को कहा कि उन्हें खुशी है कि सरकार ने संथाली भाषा के प्रचार-प्रसार में उनके तीन दशक के योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना है।
गृह मंत्रालय ने रविवार को घोषणा की कि हेम्ब्रम के साथ-साथ ओडिशा के तीन अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों (प्रख्यात शिक्षाविद महेंद्र कुमार मिश्रा, लोक कलाकार सिमांचल पात्रो और टाई और 'टाई एंड डाई' कलाकार शरत कुमार पात्रा) को पद्मश्री 2026 से सम्मानित किया जाएगा।
गृह मंत्रालय ने कहा कि कला के क्षेत्र में शरत कुमार पात्रा और सिमांचल पात्रो को पद्मश्री 2026 से सम्मानित किया जाएगा, जबकि चरण हेम्ब्रम और महेंद्र कुमार मिश्रा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलेगा।
'पीटीआई भाषा' से हेम्ब्रम ने कहा, "मैं और मेरा परिवार बहुत खुश हैं कि सरकार ने समाज के लिए किये गए मेरे काम को मान्यता दी है और मुझे पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना है।"
हेम्ब्रम ने कहा कि उन्होंने संथाली भाषा और उससे जुड़ी कलाओं को वैधता और अधिक मान्यता दिलाने के लिए अथक प्रयास किया है।
वहीं, वरिष्ठ पत्रकार पी. नारायणन ने रविवार को कहा कि देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण के उनका लिए चुना जाना अप्रत्याशित है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंध रखने वाले नारायणन को साहित्य और शिक्षा में उनके योगदान के लिए इस पुरस्कार से नवाजे जाने की घोषणा की गई।
उन्होंने एक टीवी समाचार चैनल को बताया, "मैं देश के प्रति बहुत सम्मान के साथ इसे स्वीकार करता हूं।"
प्रख्यात रेशम उत्पादक जोगेश देउरी ने कहा कि पद्मश्री पुरस्कार के लिए उनका चुना जाना असम और पूर्वोत्तर के प्रसिद्ध एरी रेशम के लिए एक सम्मान है।
देउरी ने कहा, ''असम अपने मूंगा रेशम के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन एरी रेशम में अपार संभावनाएं हैं और यही भविष्य है।''
राज्य के रेशम उत्पादन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी ने कहा, ''एरी रेशम हमारी परंपरा और पहचान से अटूट रूप से जुड़ा हुआ है। मैं एरी रेशम को वैश्विक मंच पर ले जाना चाहता हूं।''
वहीं, रक्षा उपकरण निर्माता सोलर ग्रुप के संस्थापक-अध्यक्ष सत्यनारायण नुवाल ने कहा कि पद्मश्री के लिए चुना जाना उनके लिए बहुत गर्व की बात है और यह उन्हें देश के लिए अधिक काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
अनुभवी लोक कलाकार रघुवीर खेडकर ने पद्मश्री के लिए चुने जाने पर कहा कि यह सम्मान पारंपरिक कला को जीवित रखने के लिए उनके संघर्षों को मान्यता है और यह युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगा।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की, जिनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री शामिल हैं।
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