सभी हिंदी प्रेमियों को यह पुरस्कार समर्पित: पद्मश्री के लिए चुने गए साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत
शोभना
- 25 Jan 2026, 10:01 PM
- Updated: 10:01 PM
भोपाल, 25 जनवरी (भाषा) 'पद्मश्री' के लिए चुने गए मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत ने रविवार को कहा कि भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शुमार इस पुरस्कार का मिलना ना सिर्फ सभी हिंदी भाषियों के लिए गर्व की बात है बल्कि उनके कार्य के उद्देश्य को मान्यता देने के समान है।
पंत ने कहा कि वह इस सम्मान को उन सभी हिंदी प्रेमियों को समर्पित करते हैं, जो हिंदी भाषा और साहित्य के विकास में दिन-रात लगे हुए हैं।
पंत को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री से नवाजे जाने की घोषणा की गई। उनके अलावा मध्यप्रदेश की तीन अन्य हस्तियों को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किए जाएगा। इनमें मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर (समाज सेवा), सागर के मार्शल आर्ट कलाकार भगवानदास रैकवार (खेल) और पुरातत्वविद नारायण व्यास (अन्य) शामिल हैं।
पंत की गिनती मध्यप्रदेश के वरिष्ठ और सम्मानित पत्रकारों में होती है और उन्हें हिंदी भाषा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के कारण यह सम्मान दिया जा रहा है।
पंत ने 'पीटीआई वीडियो' से बातचीत में कहा कि यह सम्मान मिलना खासकर, हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा, ''यह सभी हिंदी भाषियों के लिए भी गर्व की बात है। हिंदी की एक पत्रिका अपना प्रभाव कितनी दूर तक पहुंचा सकती है, इसका एक प्रमाण भी है यह। इसलिए मैं बड़ी विनम्रता पूर्वक उन सभी हिंदी प्रेमियों को यह पुरस्कार समर्पित करता हूं, जो हिंदी भाषा और साहित्य के विकास के लिए दिन-रात लगे हुए हैं।"
उन्होंने कहा कि न केवल भारत में, बल्कि विश्व भर में ऐसे बहुत लोग हैं जो हिंदी के लिए बहुत काम कर रहे हैं लेकिन यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें यह पुरस्कार मिला।
पंत ने कहा कि उन्होंने अंग्रेजी पत्रकारिता में भी काम किया लेकिन हिंदी के प्रति प्रेम के कारण उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को चुना।
उन्होंने कहा कि उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए विश्व हिंदी सम्मान, शरद जोशी और गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार भी मिल चुका है लेकिन पद्मश्री पुरस्कार मिलना गर्व की बात है।
उन्होंने कहा, "क्योंकि यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान है और इसके जरिए मेरे कार्य के उद्देश्य को मान्यता दी गई है।"
कई नामचीन अखबारों और पत्रिकाओं में काम कर चुके पंत जनधर्म नाम की एक साप्ताहिक पत्रिका निकालते हैं। उन्होंने हिंदी भवन न्यास और कृषि भवन को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज सेवा के क्षेत्र में पद्मश्री के लिए चुने गए मोहन नागर राजगढ़ जिले के गृह गांव रायपुरिया (पचोर) के रहने वाले हैं। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए उनके प्रयासों को इस पुरस्कार के जरिए मान्यता दी गई है।
वर्तमान में मध्यप्रदेश में जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष नागर ने 'पीटीआई वीडियो' से बातचीत में कहा कि जब गांव और आदिवासी समुदाय के बीच काम करने को पहचान मिलती है तो बहुत ख़ुशी होती है।
उन्होंने कहा, "गांव और सुदूर क्षेत्रों में जनजातीय समाज के साथ मिलकर हमने कोई काम किया है और देश की सरकार ने उस काम को देखकर हमको इस प्रकार पुरस्कार के लायक समझा। मैं धन्यवाद देता हूं सरकार को।''
उन्होंने बताया कि जब उन्हें इस पुरस्कार के बारे में जानकारी मिली, उस समय वह नर्मदा मैया की सेवा में थे और स्वच्छता अभियान संचालित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बगैर प्रचार प्रसार के उन्होंने अपना काम किया और जब समाज के साथ मिलकर काम करते हैं तो समाज भी उसकी कद्र करता है और पुरस्कृत करता है।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष के नाते नागर को राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है। वह आदिवासी बाहुल बैतूल जिले में शिक्षा के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं।
खेल के क्षेत्र में पद्मश्री के लिए चुने गए रैकवार बुंदेलखंड से ताल्लुक रखते हैं और पारंपरिक मार्शल आर्ट्स को जीवित रखने के लिए उन्होंने दशकों से कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि पद्मश्री के लिए चुना जाना उनके लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा, "बहुत खुशी की बात है कि हमारे जीवन की जो मेहनत थी, वह सफल हुई है। हाथ-पैर तोड़कर और संघर्ष करके काम किया और बच्चों को सिखाया। यह जीवन की बड़ी उपलब्धि है।"
मध्यप्रदेश की एक और हस्ती जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किए जाने की घोषणा हुई है, वह प्रमुख पुरातत्वविद नारायण व्यास हैं।
व्यास यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों भीमबेटका, सांची स्तूप और रानी की वाव के संरक्षण कार्य से जुड़े रहे हैं। वह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में वरिष्ठ पुरातत्वविद के रूप में कार्य कर चुके हैं।
पद्मश्री भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। इनकी घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। ये पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं: पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए), पद्म भूषण (उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए) और पद्म श्री (विशिष्ट सेवा के लिए)।
भाषा ब्रजेन्द्र शोभना
शोभना
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