गणतंत्र दिवस: नयी दिल्ली क्षेत्र में 10,000 पुलिसकर्मी तैनात, 3,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
प्रशांत
- 25 Jan 2026, 08:59 PM
- Updated: 08:59 PM
नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए विस्तृत बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है, जिसके तहत नयी दिल्ली क्षेत्र में लगभग 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित स्मार्ट चश्मे तथा सीसीटीवी कैमरों सहित उन्नत निगरानी प्रौद्योगिकियों का सहारा लिया जा रहा है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली) देवेश कुमार महाला ने बताया, "राष्ट्रीय आयोजन के दौरान प्रतिभागियों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।"
उन्होंने कहा, "सुरक्षा के लिए लगभग 10,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। जांच चौकियां, बैरिकेड और अन्य मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू हैं। तैनाती योजनाओं, बिंदुवार ब्रीफिंग और आकस्मिक उपायों के बारे में सभी कर्मचारियों को समझाया गया है और पूर्वाभ्यास भी किए गए हैं।"
महाला के मुताबिक, उन्नत निगरानी तंत्र के तहत परेड मार्ग और आसपास के हिस्सों सहित पूरे नयी दिल्ली क्षेत्र में 'वीडियो एनालिटिक्स' और 'फेस रिकग्निशन सिस्टम' (एफआरएस) जैसी प्रोद्योगिकियों से लैस 3,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि लगभग 150 कर्मियों वाले 30 से अधिक नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे इन कैमरों से मिलने वाले 'लाइव फीड' की निगरानी करेंगे।
महाला के अनुसार, क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को एफआरएस और 'वीडियो एनालिटिक्स' से लैस एआई चश्मे भी प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, "भारत में निर्मित ये उपकरण पुलिस डेटाबेस में अपराधियों, संदिग्धों और घोषित अपराधियों के बारे में उपलब्ध डेटा वास्तविक समय में उपलब्ध कराएंगे, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में उनकी तुरंत पहचान संभव हो पाएगी। अगर किसी का चेहरा हमारे डेटाबेस से मेल खाता है, तो हम उसे तुरंत पहचान लेंगे।"
महाला ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में बहुस्तरीय बैरिकेडिंग और प्रवेश बिंदुओं पर कई स्तरों की जांच एवं तलाशी शामिल है। रणनीतिक स्थानों पर एफआरएस तकनीक से लैस मोबाइल निगरानी वाहन भी तैनात किए जाएंगे।
महाला ने बताया कि इलाके में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नयी दिल्ली, उत्तर दिल्ली और मध्य दिल्ली जिलों में हजारों छतों की पहचान निगरानी के लिये की गई है।
उन्होंने बताया कि पुलिस उपायुक्तों ने मार्ग सर्वेक्षण और तोड़फोड़ रोधी जांच पूरी कर ली है, जबकि बाजारों, बस टर्मिनल और रेलवे स्टेशन जैसे अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
महाला के मुताबिक, पूरे शहर में किरायेदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन सहित अन्य निवारक उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने जनता से सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की।
भाषा पारुल प्रशांत
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