ईडी ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप विनज़ो के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, 734 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
नेत्रपाल
- 25 Jan 2026, 07:44 PM
- Updated: 07:44 PM
नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को कहा कि उसने ऑनलाइन गेमिंग ऐप विनज़ो और इसके प्रवर्तकों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा गेम के एल्गोरिदम में हेरफेर करने के लिए 'बॉट्स' और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल किए जाने के कारण उपयोगकर्ताओं ने 734 करोड़ रुपये गंवा दिए।
आधिकारिक बयान के अनुसार, ईडी के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने 23 जनवरी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामलों की सुनवाई के लिए निर्दिष्ट स्थानीय अदालत में शिकायत दायर की।
विनज़ो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, इसके निदेशक - पवन नंदा और सौम्या सिंह राठौर - तथा इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां, जिनमें विदेश स्थित कंपनियां भी शामिल हैं, जैसे विनज़ो यूएस इंक, विनज़ो एसजी प्राइवेट लिमिटेड और ज़ेडओ प्राइवेट लिमिटेड, को आरोपपत्र में आरोपी के रूप में नामजद किया गया है।
ईडी ने बताया कि विनज़ो अपने मोबाइल ऐप्लिकेशन के माध्यम से 100 से अधिक गेम संचालित करता था और दावा किया जाता था कि इसके लगभग 25 करोड़ उपयोगकर्ता थे, जिनमें से अधिकतर छोटे शहरों से थे।
केंद्र सरकार ने अगस्त 2025 में भारत में रियल मनी गेमिंग ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया।
केंद्रीय एजेंसी ने कहा, ''रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) सेवाएं प्रदान करने के लिए, कंपनी उपयोगकर्ताओं से सट्टेबाजी की राशि का एक निश्चित प्रतिशत कमीशन के रूप में वसूलती थी। कंपनी ने अपने उपयोगकर्ताओं को यह भी आश्वासन दिया था कि उसका गेमिंग प्लेटफॉर्म किसी भी बॉट (कंप्यूटर-नियंत्रित पात्र) से मुक्त है, पारदर्शी और सुरक्षित है।''
हालांकि, कंपनी का दावा है कि जांच में पाया गया कि अधिकांश आरएमजी (रिमोट मैनेजमेंट सिस्टम) में हेरफेर किया गया था।
गेम कोडबेस, तृतीय-पक्ष डेवलपर समझौतों और आंतरिक संचार के विश्लेषण से पता चलता है कि दिसंबर 2023 तक, आरएमजी में बॉट्स, एआई और एल्गोरिदम प्रोफाइल ''एम्बेडेड'' किए गए थे।
आरोपपत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि कंपनी द्वारा अपराध से अर्जित रकम को अमेरिका और सिंगापुर में बनाई गई फर्जी कंपनियों के माध्यम से धनशोधन किया गया था।
ईडी ने पिछले साल विनज़ो और इसके प्रवर्तकों के परिसरों पर छापेमारी की थी और नंदा और राठौर को गिरफ्तार किया था। राठौर फिलहाल जमानत पर है।
भाषा सुभाष नेत्रपाल
नेत्रपाल
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