असम में सिर्फ 'मिया' समुदाय के लोगों को ही बेदखल किया जा रहा है: हिमंत
दिलीप
- 25 Jan 2026, 07:28 PM
- Updated: 07:28 PM
गुवाहाटी, 25 जनवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को दावा किया कि राज्य में केवल 'मिया' (बांग्ला भाषी मुसलमानों) को ही बेदखल किया जा रहा है।
शर्मा ने विपक्षी दलों पर 'मिया' तुष्टीकरण करने का आरोप लगाया और कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रदेश मुख्यालय इस समुदाय के लोगों से भर गया है।
शर्मा ने गुवाहाटी के आसपास की पहाड़ियों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए जाने की कथित खबरों को खारिज करते हुए यहां संवाददाताओं से कहा, "असम में केवल मियाओं को ही बेदखल किया जाता है। असमिया लोगों को कैसे बेदखल किया जा सकता है?"
'मिया' मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है, और गैर-बांग्ला भाषी लोग आम तौर पर उन्हें बांग्लादेशी अप्रवासी बताते हैं। हाल के वर्षों में, इस समुदाय के कार्यकर्ताओं ने विरोध के तौर पर इस शब्द को अपनाना शुरू कर दिया है।
शर्मा ने दावा किया कि मीडिया गुवाहाटी की पहाड़ियों में संभावित बेदखली अभियान की अफवाहें फैला रहा है।
उन्होंने दावा किया, "चुनाव तक जब एक भी बेदखली नहीं होगी, तब पहाड़ियों में रहने वाले लोग समझ जाएंगे कि यह मीडिया ही था, जिसने उन्हें तनाव दिया था।"
राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव इस साल होने हैं, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश करेगा।
शर्मा ने जोर देकर कहा, "राज्य में भाजपा पिछले 10 वर्षों से सत्ता में है। गुवाहाटी की पहाड़ियों में बेदखली कहां की गई है?"
उन्होंने कहा कि सरकार वास्तव में पहाड़ियों पर रहने वाले लोगों को बिना किसी भुगतान के भूमि अधिकार प्रदान करने पर काम कर रही है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ियों में रहने वाले 'मिया' को बेदखली का नोटिस दिया जाएगा, लेकिन किसी भी असमिया व्यक्ति को नहीं।
कांग्रेस पर केवल बांग्ला भाषी मुसलमानों के तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए शर्मा ने कहा, "कांग्रेस ने कहा है कि उसे पार्टी टिकट चाहने वाले संभावित उम्मीदवारों से 750 आवेदन प्राप्त हुए हैं। लेकिन उन्होंने जो नहीं बताया वह यह है कि इनमें से 600 आवेदक मिया हैं। केवल 120-130 आवेदक ही हिंदू हैं।"
उन्होंने कहा, "(राज्य कांग्रेस मुख्यालय) राजीव भवन में 'मिया उजान' (मियाओं की बाढ़) आ गई है।"
मुख्यमंत्री ने दावा किया, "कांग्रेस पार्टी हमारे धर्म, संस्कृति के लिए खतरा बन गई है, और हम उन्हें जितनी मजबूती से हराएंगे, उतना ही हम अपने राज्य और 'जाति' (समुदाय) को बचा पाएंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल विधानसभा चुनाव के लिए "मियाओं की खातिर" एक साथ आएंगे।
शर्मा ने यह भी पुष्टि की कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान संबंधों का विवरण बहुत जल्द सार्वजनिक किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "मैं 31 जनवरी तक इसका खुलासा करना चाहता हूं। चूंकि एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश होगा, इसलिए इसमें एक-दो दिन की देरी हो सकती है।"
असम के मुख्यमंत्री और भाजपा, लोकसभा सदस्य गोगोई पर उनकी पत्नी के पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई के साथ कथित संबंधों को लेकर हमला कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में कथित हस्तक्षेप के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया था। दावा किया गया था कि शेख के गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के साथ संबंध हैं।
एसआईटी ने 10 सितंबर को शर्मा को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग का जिम्मा अपने पास ही रखा हुआ है।
भाषा
नोमान दिलीप
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2501 1928 गुवाहाटी