टीवीके के लिये 2026 के चुनाव महज चुनावी मुकाबला नहीं, एक लोकतांत्रिक लड़ाई है: विजय
प्रशांत
- 25 Jan 2026, 05:25 PM
- Updated: 05:25 PM
(तस्वीरों के साथ)
मामल्लापुरम (तमिलनाडु), 25 जनवरी (भाषा) तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने रविवार को आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को महज एक चुनावी मुकाबले के बजाय महत्वपूर्ण ''लोकतांत्रिक लड़ाई'' करार दिया और कहा कि उनकी पार्टी के पास स्थापित राजनीतिक ताकतों को चुनौती देने का सामर्थ्य है।
विजय ने टीवीके कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''अब जो होने जा रहा है वह सिर्फ एक चुनाव नहीं है; यह एक लोकतांत्रिक लड़ाई है। आप ही वह सेनापति हैं जो इस लोकतांत्रिक लड़ाई का नेतृत्व करेंगे।''
अभिनेता से राजनीतिक नेता बने विजय ने कहा कि केवल टीवीके में ही वर्तमान में सत्ता में काबिज 'दुष्ट ताकत' और राज्य पर पहले शासन कर चुकी 'भ्रष्ट ताकत' से मुकाबला करने का सामर्थ्य और जज्बा है।
उनका स्पष्ट इशारा सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और पहले शासन कर चुकी ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की ओर था।
उन्होंने कहा, ''दुष्ट ताकत हो या भ्रष्ट ताकत, दोनों को ही तमिलनाडु में शासन नहीं करना चाहिए। केवल हममें ही ऐसी पार्टियों का सच्चे और निडर तरीके से विरोध करने का सामर्थ्य और जज्बा है।''
विजय ने अपने राजनीतिक करियर के मूल उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा, ''हम जनता को बचाने और धरती को नुकसान पहुंचाने की मंशा रखने वाले किसी भी व्यक्ति से उनकी रक्षा करने के लिए यहां आए हैं।''
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को मिलने वाला समर्थन पारंपरिक राजनीतिक दलों की सीमाओं से आगे है और राज्यभर के घरों में लोग उन्हें परिवार के सदस्य की तरह देखते हैं। साथ ही उन्होंने राजनीतिक ईमानदारी के ऊंचे मानक पर कायम रहने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि "हम कभी भी किसी के लिए या किसी चीज के लिए अपनी राजनीति से समझौता नहीं करेंगे।''
विजय ने कहा, "जो लोग पहले सत्ता में थे या जो अभी हैं, उनकी तरह मैं भ्रष्टाचार नहीं करूंगा। मैं एक पैसा भी नहीं लूंगा। मुझ पर भ्रष्टाचार का एक दाग तक नहीं लगेगा।"
उन्होंने राजनीतिक दबाव या राष्ट्रीय दलों के आगे झुकने की अफवाहों को भी खारिज किया।
टीवीके प्रमुख ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारें "भाजपा की गुलाम" थीं और मौजूदा द्रमुक सरकार भी आकर्षक घोषणाओं के जरिए दिखावा करते हुए "अप्रत्यक्ष रूप से आत्मसमर्पण कर चुकी है।"
लेकिन उन्होंने माना कि व्यवस्था को सुधारना एक प्रक्रिया है और इसके लिए ऐसे नेता की जरूरत होती है, जिसे निजी फायदे की चाह न हो।
उन्होंने कहा, "आप शायद पूछेंगे-क्या यह कोई फिल्म है? क्या यह 'मुधलवन' (जिसमें नायक एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बन जाता है) फिल्म जैसा है? क्या वह आकर एक ही दिन में सब कुछ साफ कर देगा? व्यावहारिक रूप से ऐसा संभव नहीं है। यह एक प्रक्रिया है।"
टीवीके नेता ने अपने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने के लिए स्वतंत्रता सेनानी रानी वेलु नाच्चियार और उनके सेनापतियों की विरासत का स्मरण किया।
विजय ने पार्टी कार्यकर्ताओं को "अग्रिम पंक्ति के योद्धा" और "सेनापति" बताते हुए कहा कि विरोधी भले ही उनकी ताकत को कम आंक रहे हों, लेकिन जनता उन्हें पहले ही स्पष्ट जनादेश देने का मन बना चुकी है।
उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों के लिए बूथ सिर्फ वोट डालने की जगह होते हैं- और कई बार वोट "चुराने" की भी, लेकिन उनकी पार्टी के लिए बूथ "लोकतंत्र के सभागार" हैं।
विजय ने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना है कि वहां लोकतंत्र की चोरी न हो। हमें हर एक वोट की रक्षा करनी है।'' उन्होंने आने वाले महीनों में पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने का आग्रह किया।
सभा में विजय ने अपनी पार्टी के चिह्न 'सीटी' का अनावरण किया और उसे बजाया, जिसमें उत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका साथ दिया और उनका उत्साह बढ़ाया।
भाषा
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2501 1725 मामल्लापुरम