आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 विश्व कप से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल किया
आनन्द
- 24 Jan 2026, 08:47 PM
- Updated: 08:47 PM
नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने शनिवार को बांग्लादेश को आगामी टी20 विश्व कप से बाहर कर उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया है क्योंकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपनी टीम भारत भेजने से इनकार कर दिया था।
आईसीसी ने कहा कि यह 'मुश्किल फैसला' इसलिए लिया गया क्योंकि टूर्नामेंट से ठीक पहले बीसीबी की अपने मैचों को श्रीलंका में स्थानांतरित करने का अनुरोध मानना मुमकिन नहीं था।
आईसीसी ने कहा कि भारत में बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम, अधिकारियों या समर्थकों को कोई प्रमाणित सुरक्षा खतरा नहीं था और टूर्नामेंट के निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव करना सही नहीं था।
स्कॉटलैंड के शामिल होने से एक महीने से चल रहा असंमजस खत्म हो गया क्योंकि बीसीबी लगातार जोर दे रहा था कि उनके मैच श्रीलंका में स्थानांतरित किए जाएं और यहां तक कि उसने अपने ग्रुप को आयरलैंड के साथ बदलने का भी सुझाव दिया था।
आईसीसी ने एक बयान में कहा, ''बांग्लादेश अब आगामी आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भाग नहीं लेगा क्योंकि बीसीबी ने प्रकाशित मैच कार्यक्रम के अनुसार टूर्नामेंट में भाग लेने से इनकार कर दिया। ''
इसमें कहा गया, ''यह निर्णय उस व्यापक प्रक्रिया के बाद लिया गया जिसे आईसीसी ने बीसीबी द्वारा भारत में निर्धारित मैचों की मेजबानी को लेकर उठाई गई चिंताओं को सुलझाने के लिए किया था। ''
आईसीसी बोर्ड की बैठक में बांग्लादेश के खिलाफ 14-2 के भारी बहुमत से फैसला हुआ कि उसे अपने मुकाबले खेलने के लिए भारत जाना चाहिए।
पता चला है कि चेयरमैन जय शाह सहित आईसीसी के वरिष्ठ अधिकारी शुक्रवार को दुबई में मौजूद थे। इसी दिन देर शाम बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल को एक ईमेल भेजकर वैश्विक संस्था के फैसले से अवगत कराया गया।
बयान में कहा गया, ''आईसीसी के आकलनों से यह निष्कर्ष निकला कि बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम, अधिकारी या समर्थक भारत में किसी विश्वसनीय या प्रमाणित सुरक्षा खतरे का सामना नहीं कर रहे थे। ''
इसके अनुसार, ''इन निष्कर्षों और व्यापक निहितार्थों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद आईसीसी ने तय किया कि प्रकाशित कार्यक्रम में संशोधन करना उपयुक्त नहीं है। ''
आईसीसी ने बीसीबी को अपना रुख बदलने के लिए 24 घंटे की समय सीमा दी थी, लेकिन आसिफ नजरुल के अड़े रहने के कारण क्रिकेट के दीवाने इस देश की टी20 विश्व कप खेलने की उम्मीदें खत्म हो गईं।
बयान में कहा गया, ''चूंकि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई पुष्टि नहीं मिली, इसलिए आईसीसी ने अपनी स्थापित शासन और योग्यता प्रक्रियाओं के अनुसार प्रतिस्थापन टीम निर्धारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। स्कॉटलैंड वह अगली उच्चतम रैंक वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम है जो मूल रूप से टी20 विश्व कप की योग्यता से चूक गई थी। वर्तमान में उनकी रैंकिंग 14वीं है जो वास्तव में प्रतियोगी टीमों जैसे नामीबिया, संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल, अमेरिका, कनाडा, ओमान और इटली से आगे है। ''
इसके अनुसार, ''स्कॉटलैंड को बांग्लादेश की जगह ग्रुप सी में शामिल किया गया है, जहां वे इंग्लैंड, इटली, नेपाल और वेस्ट इंडीज के साथ खेलेंगे। ''
आईसीसी ने प्रतिभागी सदस्य देशों को भी बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटाए जाने के बारे में सूचित कर दिया है।
बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल ने आईसीसी की ओर से बार बार सुरक्षा आश्वासन दिए जाने के बावजूद भारत यात्रा के खिलाफ सलाह दी थी।
इस तरह स्कॉटलैंड ग्रुप चरण में अपने चार मुकाबले वेस्टइंडीज (सात फरवरी), इटली (नौ फरवरी) और इंग्लैंड (14 फरवरी) के खिलाफ कोलकाता में खेलेगा जबकि नेपाल के खिलाफ उसका मैच 17 फरवरी को मुंबई में होगा।
बीसीबी ने हतशा भरे कदम के तहत आईसीसी की विवाद समाधान समिति (डीआरसी) को पत्र लिखकर राष्ट्रीय पुरुष टीम के टी20 विश्व कप मुकाबले भारत में कराने के संचालन परिषद के फैसले को पलटने की मांग की थी लेकिन यह अपील सुनी नहीं जाएगी क्योंकि यह मामला उप-समिति के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
बांग्लादेश के लिए अनिवार्य स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन खतरा 'कम से मध्यम' था जो सभी टीमों के लिए समान था। लेकिन भारत विरोधी कट्टरपंथी नजरुल ने अंतरिम सरकार के प्रतिनिधि के रूप में एक फरमान जारी किया कि इन परिस्थितियों में टीम को भारत जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
दरअसल नजरुल और राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के बीच हुई बैठक एकतरफा बातचीत साबित हुई। इसमें नजरुल ने ही सारी बात की और स्टार क्रिकेटरों से कहा कि उन्हें टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बल्कि इसका असर बीसीबी पर वित्तीय रूप से भी बुरी तरह पड़ेगा। बोर्ड को 500,000 अमेरिकी डॉलर की भागीदारी फीस का नुकसान होगा जो हर देश को मिलती है। लेकिन इससे भी बड़ा संभावित नुकसान आईसीसी के वार्षिक राजस्व का होगा।
बीसीबी को सालाना आईसीसी से राजस्व के हिस्से के रूप में 330 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर) मिलते हैं जो उसके वार्षिक बजट का लगभग 60 प्रतिशत है।
इसके अलावा टूर्नामेंट नहीं खेलने के कारण प्रायोजक राशि का नुकसान होगा।
बीसीबी के पास एकमात्र कानूनी विकल्प स्विट्जरलैंड स्थित खेल पंचाट में जाने का है लेकिन टूर्नामेंट फिर भी जारी रहेगा।
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द
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