पिछले साल जहाजरानी कंपनियों ने सबसे अधिक भारतीय नाविकों को रास्ते में ही छोड़ा: आंकड़े
माधव
- 24 Jan 2026, 06:55 PM
- Updated: 06:55 PM
(अदिति खन्ना)
लंदन, 24 जनवरी (भाषा) ब्रिटेन स्थित परिवहन श्रमिकों के एक वैश्विक संघ के अनुसार 2025 में जहाजरानी कंपनियों ने सबसे अधिक 1,125 भारतीय चालक दल सदस्यों को यात्रा के बीच में ही छोड़ दिया।
आंकड़ों के मुताबिक चालक दल के सदस्यों को बीच रास्ते में ही छोड़ने के मामले में लगातार दूसरे साल भारतीयों की संख्या अधिक रही।
इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन (आईटीएफ) के मुताबिक पिछले साल दुनिया भर में नाविकों को बीच में ही छोड़ने का स्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। उसने अद्यतन आंकड़ों में जानकारी दी कि 410 जहाजों के 6,223 नाविकों को बीच में ही छोड़ दिया गया।
आईटीएफ ने भारत के उन जहाजों या कंपनियों को 'ब्लैकलिस्ट'करने की पहल का स्वागत किया जो बार-बार उसके नाविकों को बीच में ही छोड़ देते हैं या अन्य गलत प्रथाओं में संलग्न हैं।
आईटीएफ के नाविक संभाग के अध्यक्ष डेविड हेइंडेल ने कहा,''यह बेहद शर्मनाक है कि एक बार फिर हम बेईमान जहाज मालिकों द्वारा रिकॉर्ड संख्या में नाविकों को बीच में ही छोड़े जाने का मामला देख रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''हर दिन, पूरी दुनिया में, नाविकों को उनके मानवाधिकारों और श्रम अधिकारों के घोर उल्लंघन का सामना करना पड़ता है, यह सब इसलिए होता है ताकि लालची कंपनियां उनकी कीमत पर जल्दी पैसा कमा सकें।''
हेइंडेल ने कहा, ''यह बिल्कुल स्पष्ट है कि यह उद्योग में एक व्यवस्थागत समस्या है। इसका अभिप्राय है कि हमें पूरे उद्योग को नाविकों और उनके संघों के साथ मिलकर यह कहना होगा कि 'बहुत हो गया', और इस संकट को समाप्त करने के लिए मिलकर कार्रवाई करनी होगी।''
लंदन स्थित अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने नाविकों को बीच में ही छोड़ने को तीन मानदंडों के तहत परिभाषित किया है। पहला, नाविक को स्वदेश वापसी की लागत देने से इनकार। दूसरा, नाविक को आवश्यक भरण-पोषण और सहायता के बिना छोड़ देना। तीसरा, नाविक के साथ एकतरफा संबंध तोड़ना, जिसमें कम से कम दो महीने की अवधि के लिए संविदात्मक वेतन का भुगतान करने में विफलता शामिल है।
आईटीएफ के विश्लेषण के मुताबिक जहाजों से चालक दल के सदस्यों को बीच में ही छोड़ने के सबसे अधिक मामले पश्चिम एशिया में आते हैं और उसके बाद यूरोप का स्थान है। संघ के मुताबिक तुर्किये में सबसे अधिक 61 ऐसे मामले आए जबकि संयुक्त अरब अमीरात में नाविकों को बीच में ही छोड़ देने के 54 मामले दर्ज किये गए।
आईटीएफ के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के अंत में कानूनी समिति की बैठक में चर्चा से पहले आईएमओ को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसमें उल्लेख है कि 2025 में छोड़े गए नाविकों का कुल 2.58 करोड़ अमेरिकी डॉलर का बकाया कंपनियों पर था जिनमें से 1.65 करोड़ अमेरिकी डॉलर की वसूली की जा सकी।
भाषा धीरज माधव
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