झारखंड: सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में अनल दा समेत 15 माओवादी मारे गए
नरेश
- 22 Jan 2026, 07:02 PM
- Updated: 07:02 PM
चाईबासा, 22 जनवरी (भाषा) झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में बृहस्पतिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली नेता अनल दा समेत 15 माओवादी मारे गए। अनल दा पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा इकाई के लगभग 1,500 जवान सारंडा जंगल के कुमडी में किरीबुरु थाना क्षेत्र में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में उलझे हैं।
पुलिस मुख्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है, "हमने माओवादियों के शीर्ष नेता पतिराम माझी उर्फ अनल दा समेत 15 माओवादियों के शव बरामद किए हैं। भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है। सुबह छह बजे शुरू हुई मुठभेड़ अभी भी जारी है।"
उन्होंने बताया कि सारंडा के जंगल में मंगलवार से ही माओवाद विरोधी अभियान चल रहा है, लेकिन गोलीबारी बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुई।
पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशन) माइकल राज एस ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पुलिस को सारंडा जंगल में अनल दा और अन्य माओवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने के बाद अभियान शुरू किया गया।
गिरिडीह जिले का पिरतांड निवासी अनल दा 1987 से सक्रिय था। पुलिस वर्षों से उसकी तलाश कर रही थी।
सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को पश्चिम सिंहभूम जिले के मुख्यालय चाईबासा का दौरा किया था।
झारखंड में कोल्हान और सारंडा को माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने बूढ़ा पहाड़, चतरा, लातेहार, गुमला, लोहरदगा, रांची और पारसनाथ में उनकी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से सीमित कर दिया है।
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के पूर्व राज्य अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली सहित माओवादियों की हत्या को "लाल आतंक" के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया।
मरांडी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "इस अभियान में शामिल सभी कर्मियों ने अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में, केंद्र सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के संकल्प के साथ दृढ़ता से आगे बढ़ रही है।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि केंद्र सरकार 31 मार्च, 2026 से पहले देश से नक्सलवाद के खतरे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
झारखंड में 2001 से 2025 के बीच 11,000 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है, लगभग 250 मारे गए हैं और 350 से अधिक ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इस अवधि के दौरान, पुलिस ने हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा भी जब्त किया है।
भाषा तान्या नरेश
नरेश
2201 1902 चाईबासा