ग्रेटर नोएडा: पानी से भरे गड्ढे में कार के गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत, लापरवाही का आरोप
सं जितेंद्र
- 18 Jan 2026, 10:40 PM
- Updated: 10:40 PM
नोएडा, 18 जनवरी (भाषा) ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में घने कोहरे के कारण एक अनियंत्रित कार 20 फुट से अधिक गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई, जिससे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त स्थल पर लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी का आरोप लगाते हुए स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस के मुताबिक, इस घटना के संबंध में दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान युवराज मेहता के रूप में हुई है, जो सेक्टर 150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी का रहने वाला था।
पुलिस के मुताबिक, वह गुरुग्राम की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत था और शनिवार तड़के काम से घर लौट रहा था तभी यह दुर्घटना हुई।
नॉलेज पार्क थाने के अनुसार, सेक्टर 150 के पास निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में कार गिरने की सूचना देर रात करीब सवा 12 बजे मिली।
उन्होंने बताया कि तलाशी अभियान शुरू किया गया और दमकल विभाग, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस की टीमों की मदद से शनिवार सुबह शव बरामद किया गया। प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले ‘डिलीवरी एजेंट’ मोनिंदर ने आरोप लगाया कि बचाव कार्य में देरी हुई।
उसने बताया कि समय पर कार्रवाई की जाती तो इंजीनियर की जान बचाई जा सकती थी।
मोहिंदर ने पत्रकारों को बताया कि वह रात करीब पौने दो बजे घटनास्थल पर पहुंचा था और ठंड व लोहे की छड़ों की मौजूदगी के कारण बचाव कर्मी पानी में उतरने से हिचकिचा रहे थे।
उसने दावा किया, “मैंने अपनी कमर में रस्सी बांधी और खुद पानी में उतर गया। मैंने करीब 30 मिनट तक युवक और उसकी कार को ढूंढा। ”
मोनिंदर ने आरोप लगाया कि मेहता को पहले अपनी कार की छत पर खड़े होकर राहगीरों को मोबाइल फोन की टॉर्च से इशारा करते और मदद की गुहार लगाते देखा गया था।
उसने बताया, “मुझे बाद में बताया गया कि अगर मदद 10 मिनट पहले पहुंच जाती, तो उसे बचाया जा सकता था।”
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इससे पहले स्थानीय लोगों ने उसी गड्ढे से एक ट्रक चालक को बचाया था।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्रा ने इन आरोपों का जवाब देते हुए बताया कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है हालांकि उन्होंने लापरवाही से इनकार किया।
उन्होंने बताया, “पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने युवक को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। दमकल विभाग की क्रेन, सीढ़ी, अस्थायी नाव और सर्चलाइट का इस्तेमाल किया गया, लेकिन उस समय कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।”
मिश्रा ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
उन्होंने बताया, “कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
सहायक पुलिस आयुक्त हेमंत उपाध्याय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना के संबंध में शिकायत के आधार पर दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पिता राज कुमार मेहता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि निवासियों ने नोएडा प्रशासन से नाले के पास अवरोधक और रिफ्लेक्टर लगाने के लिए बार-बार अनुरोध किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं।
इस बीच, रविवार शाम को स्थानीय निवासियों ने मेहता के लिए न्याय की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकाला।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन और क्षेत्र विकासकर्ताओं की लापरवाही के कारण यह घटना हुई।
विरोध प्रदर्शन के बाद, नोएडा प्रशासन ने घटनास्थल पर अवरोधक लगा दिए। इससे पहले, पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि कोहरा और संभवतः तेज गति दुर्घटना के कारण थे।
पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
भाषा सं