आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एनटी रामाराव की 30वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी
राखी नेत्रपाल
- 18 Jan 2026, 07:41 PM
- Updated: 07:41 PM
अमरावती, 18 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के संस्थापक एन टी रामाराव को उनकी 30वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी।
नायडू ने एनटीआर को एक महान नेता के रूप में याद किया, जिन्होंने तेलुगु लोगों के आत्मसम्मान को कायम रखा और अपने दूरदर्शी नेतृत्व के माध्यम से सिनेमा एवं राजनीति पर एक अमिट छाप छोड़ी।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ में एक पोस्ट में कहा, “महान नेता एनटीआर की 30वीं पुण्यतिथि के अवसर पर, मैं उस महान आत्मा को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जो भाग्य के धनी और गरीबों के लिए अनमोल रत्न थे।”
नायडू ने कहा कि एनटीआर ने दो रुपये प्रति किलोग्राम चावल, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, गरीबों के लिए आवास, किसानों को मुफ्त बिजली और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने जैसी ऐतिहासिक कल्याणकारी एवं विकास पहलों के माध्यम से आंध्र प्रदेश का कायापलट किया।
नायडू एनटीआर के दामाद हैं।
यह उल्लेख करते हुए कि एनटीआर ने सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया, नायडू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण और महिलाओं के लिए नौ प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया, जिसे बाद में बढ़ाकर 33 प्रतिशत कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में तेदेपा के नेतृत्व वाली सरकार ने पेंशन बढ़ाकर चार हजार रुपये करके, अन्न कैंटीन लागू करके, बड़े पैमाने पर घरों का निर्माण करके तथा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराकर कल्याणकारी योजनाओं को और मजबूत किया है।
उन्होंने पोलावरम परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह परियोजना पूर्ण होने की राह पर है और जून 2027 तक राष्ट्र को समर्पित कर दी जाएगी।
नायडू ने कहा, “एनटीआर एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने तेलुगु लोगों के लिए एक विशिष्ट पहचान बनाई, उस समय जब उन्हें मद्रासी कहा जाता था और उन्होंने गरीबों के उत्थान के एकमात्र उद्देश्य से शासन किया।”
मुख्यमंत्री ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बताते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी क्षेत्रों का कायापलट करेगी, जिसमें विशाखापत्तनम एक वैश्विक शहर के रूप में और तिरुपति एक महानगर के रूप में उभरेगा।
उन्होंने राज्य के विकास के लिए जन-केंद्रित शासन जारी रखने का संकल्प लिया और तेदेपा कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बलिदान एवं समर्पण पार्टी की सफलता की नींव है।
भाषा राखी