कांग्रेस ने अपने शासन में वोट के लिए असम की जमीन घुसपैठियों को सौंप दी: प्रधानमंत्री मोदी
जोहेब संतोष
- 18 Jan 2026, 04:30 PM
- Updated: 04:30 PM
(फोटो के साथ)
कलियाबोर (असम), 18 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने पूर्वोत्तर राज्य असम में अपने शासनकाल के दौरान वोट के लिए घुसपैठियों को जमीन सौंप दी।
मोदी ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि असम में कांग्रेस शासन के दौरान दशकों तक घुसपैठ बढ़ती रही तथा अवैध प्रवासी वनों, जानवरों के गलियारों और पारंपरिक संस्थानों पर अतिक्रमण करते रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार अतिक्रमण करने वाले घुसपैठियों को निष्कासित करके असम की पहचान और संस्कृति की रक्षा कर रही है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, “घुसपैठिए जनसांख्यिकी संतुलन को बिगाड़ रहे हैं, संस्कृति पर हमला कर रहे हैं, गरीबों और युवाओं से रोजगार छीन रहे हैं, और आदिवासी क्षेत्रों में भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे हैं, जो असम और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।”
उन्होंने लोगों को कांग्रेस से सतर्क रहने की चेतावनी दी और कहा कि उसकी केवल एक नीति है - घुसपैठियों की रक्षा करना और सत्ता हासिल करना।”
कांग्रेस और उसके सहयोगी इस दृष्टिकोण का पालन देश भर में कर रहे हैं, और बिहार चुनाव के दौरान उन्होंने घुसपैठियों को बचाने के लिए मार्च व रैलियां आयोजित की थीं, लेकिन वहां की जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया।
मोदी ने कहा कि असम की जनता भी उन्हें करारा जवाब देगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने लोगों का भरोसा खो दिया है क्योंकि वह ‘‘नकारात्मक राजनीति का संदेश’’ देती है और अब देश में मतदाताओं की ‘‘पहली पसंद’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) है।
उन्होंने कहा, ‘‘मतदाता सुशासन और विकास के लिए भाजपा पर भरोसा करते हैं। बिहार चुनाव में लोगों ने 20 साल सत्ता में रहने के बाद भी पार्टी को रिकॉर्ड संख्या में वोट और सीट दीं।’’
मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव में भी लोगों ने भाजपा को वोट दिया और केरल में भी ‘‘अब हमारे पास पार्टी का एक महापौर’’ है।
उन्होंने कहा, “दो दिन पहले ही, महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में महापौर और पार्षद चुनावों के परिणाम घोषित किए गए थे। दुनिया की सबसे बड़ी महानगरपालिकाओं से एक मुंबई ने पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश दिया, जबकि राज्य के अधिकांश शहरों के लोगों ने हमें सेवा का अवसर दिया है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “देश भर में हालिया चुनाव परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि मतदाता सुशासन और विकास चाहते हैं, जिसमें प्रगति और धरोहर दोनों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।”
उन्होंने कहा, “ये चुनाव यह संदेश भी देते हैं कि देश लगातार विपक्षी दल की नकारात्मक राजनीति को नकार रहा है।”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने देश का विश्वास खो दिया है क्योंकि उसके पास विकास के लिए कोई एजेंडा नहीं है, और ऐसी पार्टी असम या काजीरंगा के हितों को कभी पूरा नहीं कर सकती।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि काजीरंगा केवल एक राष्ट्रीय उद्यान नहीं है, बल्कि 'असम की आत्मा और भारत की जैव विविधता का एक अमूल्य रत्न है, जिसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी है।
प्रधानमंत्री नगांव जिले में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान 6,957 करोड़ रुपये की ‘काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर’ परियोजना की आधारशिला रखी और दो ‘अमृत भारत’ ट्रेन को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई।
काजीरंगा में एक सींग वाले गैंडे रहते हैं यह बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब बाढ़ आती है, तो वन्यजीवों को ऊंची भूमि की तलाश होती है और उन्हें राष्ट्रीय राजमार्गों को पार करना पड़ता है, जिसके कारण वे अक्सर फंस जाते हैं।
मोदी ने का, “सरकार ने संकल्प लिया है कि वन क्षेत्र को सुरक्षित रखते हुए यातायात की सुचारु गति सुनिश्चित की जाए। उन्नत गलियारे के पूरा होने के बाद, वाहन ऊपर से गुजरेंगे, जबकि वन्यजीवों का आवागमन नीचे बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा, और इसका डिजाइन गैंडे, हाथी और बाघों के पारंपरिक आवागमन मार्गों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।”
मोदी ने कहा, “यह गलियारा ऊपरी असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा, और नयी रेल सेवाओं के साथ, यह लोगों के लिए नए अवसर खोलेगा।"
मोदी ने दावा किया कि भाजपा सरकार के प्रयासों से यह सुनिश्चित हुआ कि 2025 में असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में शिकार के कारण कोई गैंडा नहीं मारा गया।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब गैंडों का शिकार एक बड़ी चिंता का विषय था, 2013 और 2014 में एक सींग वाले दर्जनों गैंडे मारे गए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने, वन विभाग को आधुनिक संसाधन देने, निगरानी बढ़ाने और 'वन दुर्गा' के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि पारिस्थितिकी की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था का विकास, दोनों साथ-साथ संभव है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब प्रकृति की सुरक्षा होती है, तो अवसर उत्पन्न होते हैं, और काजीरंगा में हाल के वर्षों में पर्यटन में तेज वृद्धि देखी गई है, और स्थानीय युवाओं ने होमस्टे, गाइड सेवाओं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से आय के नए स्रोत हासिल किए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर को दशकों तक न केवल भौतिक बल्कि मानसिक दूरी का भी दर्द झेलना पड़ा है क्योंकि लोग यह मानते थे कि विकास कहीं और हो रहा था और वे पीछे रह गए थे। उन्होंने कहा कि इससे न केवल अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा, बल्कि विश्वास भी प्रभावित हुआ।
मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्यों में भाजपा सरकारों ने पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता देते हुए इस भावना को बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों ने असम को सड़क, रेलवे, हवाई मार्ग और जलमार्ग से जोड़ने का कार्य शुरू किया।
मोदी ने आरोप लगाया कि जब केंद्र में कांग्रेस की सत्ता थी, तो असम को रेल बजट में केवल करीब 2,000 करोड़ रुपये मिलते थे, लेकिन उनकी सरकार ने इसे पांच गुना से अधिक बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया।
उन्होंने कहा कि इस बढ़ी हुई निवेश राशि ने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा दिया है, नए रेल मार्ग, डबलिंग और विद्युतीकरण से रेलवे क्षमता व यात्री सुविधाओं में सुधार हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि असम का विकास पूरे पूर्वोत्तर के लिए अवसर खोल रहा है, और एक्ट ईस्ट पॉलिसी को एक नया दिशा मिली है, जो क्षेत्र को नयी ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
भाषा जोहेब