जो समाज अपना इतिहास भूल जाता है वह नैतिक दिशा से भी भटक जाता हैः हरिवंश

जो समाज अपना इतिहास भूल जाता है वह नैतिक दिशा से भी भटक जाता हैः हरिवंश