मुर्शिदाबाद में फिर तनाव, प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेल पटरियों को अवरुद्ध किया
शुभम दिलीप
- 17 Jan 2026, 06:21 PM
- Updated: 06:21 PM
कोलकाता, 17 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शनिवार को एक बार फिर तनाव फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा में राष्ट्रीय राजमार्ग-12 और रेलवे पटरियों को अवरुद्ध कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, यह घटना एक प्रवासी मज़दूर की मौत को लेकर हुए आंदोलनों के कारण राज्य के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच सड़क और रेल संपर्क कई घंटों तक बाधित रहने के एक दिन बाद हुई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बेलडांगा के बरुआ मोड़ के निकट राजमार्ग पर सैकड़ों स्थानीय लोग इकट्ठे हो गए, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर यातायात ठप हो गया और फंसे हुए वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने एक रेलवे गेट को भी नुकसान पहुंचाया और ट्रेन सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिये लाठी-चार्ज किया है।
ताजा विवाद की वजह यह आरोप बना कि इसी क्षेत्र के एक अन्य प्रवासी मजदूर, अनीसुर शेख, के साथ बिहार में बेरहमी से मारपीट की गई। इससे शुक्रवार की हिंसा के बाद मुश्किल से शांत हुआ जनाक्रोश फिर से भड़क उठा।
पुलिस ने विरोध स्थल पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए। स्थानीय विधायक हुमायूं कबीर मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत करने के लिए प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों से बातचीत की।
अधिकारियों ने कहा कि स्थिति को सामान्य करने और प्रदर्शन को फिर से हिंसा में तब्दील होने से रोकने के प्रयास जारी हैं।
सुजापुर कुमारपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र के निवासी 36-वर्षीय अलाउद्दीन शेख की मौत के बाद से बेलडांगा में शुक्रवार से तनाव व्याप्त है। उसका शव झारखंड में उसके किराए के मकान से बरामद किया गया था, जहां वह कबाड़ कारोबारी के रूप में काम करता था।
परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और बाद में उसे फांसी पर लटका दिया गया, ताकि यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो। उसका शव घर लाये जाने के बाद व्यापक आक्रोश फैल गया।
शनिवार का यह आंदोलन ऐसे दिन हुआ है, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकारी कार्यक्रमों में भाग लिया और मालदा में एक जनसभा को संबोधित किया।
शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने महेशपुर में सियालदह-लालगोला रेलवे लाइन को अवरुद्ध कर दिया और राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर टायर जलाए, जिससे लगभग साढ़े पांच घंटे तक सड़क और रेल संपर्क बाधित रहा। कई ट्रेनें रुक गईं और सैकड़ों बसें और ट्रक फंसे रह गए।
भीड़ के कुछ गुटों द्वारा यातायात चौकी में तोड़फोड़ और पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाने के बाद झड़पें हुईं। पत्थरबाजी में पत्रकारों सहित कम से कम 12 लोग घायल हो गए।
एक महिला पत्रकार पर कथित तौर पर हमला किया गया, जबकि दूसरी पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रशासन के आश्वासनों और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की शांति बनाए रखने की अपील के बावजूद शनिवार को बेलडांगा के महेशपुर के एक प्रवासी मजदूर की बिहार में पिटाई की खबरों के बाद तनाव फिर से व्याप्त हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घायल मजदूर की पहचान अनीसुर शेख के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वह शुक्रवार देर रात गंभीर हालत में मुर्शिदाबाद लौटने में कामयाब रहा और उसे मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रदर्शनकारियों ने जिले के प्रवासी श्रमिकों की तत्काल गिरफ्तारी और उनकी सुरक्षा के लिए ठोस आश्वासन की मांग की।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "पर्याप्त संख्या में बल तैनात किए गए हैं और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जा रहा है।"
शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर बेलडांगा स्टेशन पर रेल यातायात को अवरुद्ध करने का प्रयास किया और रेलवे गेट को क्षतिग्रस्त कर दिया।
प्रवासी श्रमिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा उपायों की घोषणा के बावजूद प्रदर्शन फिर से शुरू हो गया है। मुर्शिदाबाद के जिला मजिस्ट्रेट नितिन सिंघानिया ने शुक्रवार को कहा कि जिले के प्रवासी श्रमिकों की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।
इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जिसमें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासी श्रमिकों को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि विपक्ष ने ममता बनर्जी सरकार पर देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने और पत्रकारों की सुरक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने संयम बरतने की अपील करते हुए कहा था कि सरकार मृतक के परिवार के साथ खड़ी है और न्याय जरूर मिलेगा।
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और पूर्व कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी सहित विपक्षी नेताओं ने भी शुक्रवार को इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करते हुए राज्य पुलिस की आलोचना की और राज्य के बाहर बंगाली भाषी प्रवासी श्रमिकों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने पर प्रकाश डाला।
पुलिस ने कहा कि बेलडांगा और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की नई झड़प को रोका जा सके। हालांकि, इलाके में तनाव अभी भी बना हुआ है।
भाषा
शुभम