दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण योजना को मंजूरी दी
राखी दिलीप
- 16 Jan 2026, 09:45 PM
- Updated: 09:45 PM
नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को राजधानी में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और यमुना की सफाई के लिए एक व्यापक रोडमैप को मंजूरी दी। इसमें 62 प्रमुख प्रदूषण स्थलों पर ‘मिस्टिंग सिस्टम’ लगाने तथा सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट उपचार को मजबूत करने जैसे उपाय शामिल हैं, जो शहर की 2028 तक की प्रदूषण नियंत्रण योजना का हिस्सा है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार ने प्रदूषण, परिवहन उत्सर्जन, अपशिष्ट प्रबंधन और नदी प्रदूषण से निपटने के लिए निश्चित समयसीमा के साथ अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक उपायों को अंतिम रूप दे दिया है।
सिरसा ने बताया कि पीएम2.5 प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 62 चिन्हित प्रमुख प्रदूषण स्थलों साथ-साथ प्रमुख यातायात गलियारों और पीडब्ल्यूडी सड़कों पर विशेष ‘मिस्टिंग सिस्टम’ (सूक्ष्म पानी की बूंदों को हवा में छोडने वाली प्रणाली) लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पूरी दिल्ली में सड़कों की मशीन के जरिये सफाई का विस्तार किया जाएगा, जबकि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), नयी दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और छावनी बोर्ड सहित कई एजेंसियों की धूल नियंत्रण योजनाओं की समीक्षा की गई है और उन्हें मंजूरी दे दी गई है।
मंत्री ने कहा, “कचरे के पहाड़ों के मुद्दे की समीक्षा की गई और यह सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत योजना को अंतिम रूप दिया गया है, ताकि 2026-27 तक सभी ताजा नगर निगम कचरे को अपशिष्ट-से-ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से संसाधित किया जाए।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के चरण पांच के विस्तार, 2028 तक हजारों बसों की आवश्यकता और बड़े बस टर्मिनलों के निर्माण पर भी चर्चा हुई।
सिरसा ने कहा, “अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उपायों में ई-ऑटो की संख्या बढ़ाना, ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना, परिवहन तक पहुंच के लिए मोबाइल एप्लिकेशन शुरू करना और मेट्रो स्टेशनों पर पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं विकसित करना शामिल है।”
उन्होंने बताया कि यमुना की स्वच्छता में सुधार के लिए दिल्ली सरकार ने अतिरिक्त बायोगैस संयंत्र स्थापित करने और उद्योगों द्वारा अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ईटीपी) और अवजल उपचार संयंत्र (एसटीपी) की स्थापना सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है, ताकि अनुपचारित कचरे का निपटान रोका जा सके।
सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2026, दिसंबर 2027 और दिसंबर 2028 तक कार्रवाई के लिए स्पष्ट समयसीमा तय कर दी है।
उन्होंने एमसीडी को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को बढ़ाने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र और पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के साथ भी चर्चा की जाएगी।
सिरसा ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान सिख गुरु से संबंधित विवाद पर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि विधानसभा में अपने विवादास्पद बयान के बाद विपक्ष की नेता आतिशी सदन और जनता का सामना करने से बच रही हैं।
उन्होंने कहा, "पंजाब पुलिस ने तीसरी बार समय मांगा है। वही पुलिस जिसने कुछ ही घंटों में मामला दर्ज कर लिया था, अब 10 दिन बीत जाने के बाद भी उस मामले का आधार स्पष्ट नहीं कर पा रही है।"
उन्होंने इसमें ‘अनैतिक इरादा’ और जवाबदेही से बचने की कोशिश का आरोप लगाया।
सत्तारूढ़ भाजपा ने आतिशी पर 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर, भाई सती दास, भाई मति दास और भाई दयाला की शहादत की 350वीं वर्षगांठ पर हुई चर्चा के दौरान "असंवेदनशील शब्दों" का प्रयोग करने का आरोप लगाया है और उनसे माफी की मांग की है।
भाषा
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