बंगाल: टीएमसी नेता अभिषेक ने मतदाता सूची में मृत घोषित 10 और लोगों को रैली के दौरान किया पेश
यासिर प्रशांत
- 13 Jan 2026, 11:37 PM
- Updated: 11:37 PM
कूचबिहार, 13 जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को यहां एक रैली में पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में कथित तौर पर मृत घोषित किए गए 10 और लोगों को पेश किया और निर्वाचन आयोग पर मौजूदा प्रक्रिया के माध्यम से नागरिकों के मताधिकारों को छीनने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में लड़ाई राज्य की जनता और भाजपा के बीच है।
मंच पर मौजूद 10 लोगों को बुलाते हुए टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा, ‘‘ये सभी कूचबिहार में पैदा हुए और पले-बढ़े थे, लेकिन भाजपा के कठपुतली निर्वाचन आयोग ने इन्हें मृत घोषित कर दिया।’’
बनर्जी ने कहा कि इन 10 लोगों के नाम “जारी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटा दिए गए”।
बनर्जी ने रैली के दौरान बोलते हुए विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा पर आंतरिक गुटबाजी को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने बार-बार पूर्व सांसद निशिथ प्रमाणिक को निशाना बनाया और एसआईआर की आलोचना करने के लिए भाजपा के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज की प्रशंसा की।
बनर्जी ने भाजपा पर मतदाताओं के कुछ वर्गों को मताधिकार से वंचित करने के लिए एसआईआर प्रक्रिया का उपयोग करने का आरोप लगाया और इस ‘‘वोट बंदी’’ की तुलना 2016 में हुई नोट बंदी से की।
शुरुआत से अंत तक, उन्होंने प्रमाणिक पर लगातार हमला किया, उन्हें "प्रवासी सांसद" कहकर बार-बार मज़ाक उड़ाया और आरोप लगाया कि वे दिल्ली में रहते हैं और अपनी संसदीय क्षेत्र में केवल कभी-कभार आते हैं।
बनर्जी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रमाणिक को हराने के लिए कूचबिहार के मतदाताओं का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस सीट से “भाजपा का कचरा” हटा दिया।
बनर्जी ने प्रभावशाली राजबंशी नेता अनंत महाराज का भी धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने केवल एसआईआर मुद्दे पर सच बोला।
महाराज का हवाला देते हुए, बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा की नीतियां राजबंशी और बंगाली हिंदुओं को निशाना बना सकती हैं, असम के एनआरसी से नामों के हटाए जाने का जिक्र करते हुए और “निरुद्ध शिविरों” की राजनीति के खिलाफ चेतावनी दी। बनर्जी ने कहा, “मैं यह नहीं कह रही, अनंत महाराज कह रहे हैं,” और सच को सम्मान मिलना चाहिए।
भाषा यासिर