तृणमूल एक ‘माफिया तंत्र’, बंगाल में लोकतंत्र की जगह ‘भीड़तंत्र’ ला रही : भाजपा
पारुल मोना
- 13 Jan 2026, 10:58 PM
- Updated: 10:58 PM
नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस अब एक राजनीतिक दल नहीं रह गई है, बल्कि “माफिया तंत्र” बन गई है, जो राज्य में लोकतंत्र की जगह “भीड़तंत्र” कायम कर रही है।
मुख्यमंत्री एवं तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक परामर्श फर्म ‘आई-पैक’ के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया छापेमारी को बाधित करके और “हिंसक मार्ग” चुनकर उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र से दूर होकर “भीड़तंत्र” के रास्ते पर चलने का स्पष्ट संदेश दिया है।
सिन्हा ने यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कुछ अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “बर्दमान-नबद्वीप रोड पर बड़ी संख्या में तृणमूल कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था और जब एसआईआर की प्रक्रिया में हो रही हेराफेरी के बारे में सवाल उठाए गए, तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूरी सड़क जाम कर दी। तृणमूल कांग्रेस इसी तरह की अराजकता पूरे बंगाल में फैला रही है।”
भाजपा प्रवक्ता ने तृणमूल पर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर “झूठा विमर्श” गढ़ने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “मुर्शिदाबाद में हमीमुल इस्लाम नाम के एक बीएलओ (बूथ स्तरीय अधिकारी) ने आत्महत्या कर ली। हमेशा की तरह, इस मामले में भी तृणमूल ने आरोप लगाया कि बीएलओ पर निर्वाचन आयोग की ओर से काम का अत्यधिक दबाव डाला गया था, जिसके कारण उसने आत्महत्या की। लेकिन जो तथ्य सामने आए हैं, वे इस दावे के बिल्कुल विपरीत हैं।”
सिन्हा ने दावा किया कि मामले की जांच में सामने आया कि बीएलओ ने यह चरम कदम इसलिए उठाया, क्योंकि ममता के वफादार तृणमूल के एक स्थानीय नेता बुलेट खान इस्लाम से लिया गया 20 लाख रुपये का कर्ज नहीं चुका रहे थे।
उन्होंने कहा, “हमीमुल इस्लाम गंभीर आर्थिक दबाव में था और उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली।”
सिन्हा ने आरोप लगाया कि तृणमूल ने बंगाल में “हिंसा और भीड़तंत्र” को संस्थागत रूप दे दिया है, क्योंकि उसे “जमीनी हकीकत” का एहसास हो गया है। उन्होंने दावा किया कि ममता सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा और सत्ता-विरोधी भावना चरम पर पहुंच गई है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “आई-पैक से जुड़े ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को रोकने का प्रयास, बीएलओ की आत्महत्या, उत्तरपाड़ा सामूहिक बलात्कार मामला और राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य को धमकी दिए जाने जैसी घटनाएं स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि तृणमूल अब एक राजनीतिक दल नहीं रह गई है। यह एक ‘माफिया तंत्र’ बन गई है, जहां लोकतंत्र की जगह भीड़तंत्र ने ले ली है और अपराधियों को संरक्षण प्रदान किया जाता है।”
भाषा पारुल