सरकार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भी चीनी कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित कर रही : ओवैसी
धीरज नेत्रपाल
- 11 Jan 2026, 08:02 PM
- Updated: 08:02 PM
जालना, 11 जनवरी (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को सत्तारूढ़ भाजपा की राष्ट्रवादी साख पर सवाल उठाते हुए केंद्र पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भी चीनी कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित करने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार किए गए अपमान का जवाब देने में विफल रहने का आरोप लगाया।
ओवैसी के आरोपों पर अभी तक न तो सरकार और न ही भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है।
हैदराबाद के सांसद ओवैसी जालना नगर निकाय के 15 जनवरी को होने वाले चुनाव में हिस्सा ले रही एआईएमआईएम के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे। उनकी पार्टी ने नगर निकाय के 65 चुनावी वार्ड में से 17 में उम्मीदवार उतारे हैं।
ओवैसी ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को हथियार मुहैया कराए थे। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के लगभग 80 प्रतिशत सैन्य उपकरण चीन से प्राप्त किए गए थे।
ओवैसी ने कहा, ‘‘इसके बावजूद, भारत सरकार चीनी कंपनियों को देश में निवेश करने के लिए आमंत्रित कर रही है।’’
एआईएमआईएम अध्यक्ष ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार भारत का अपमान और उपहास कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘‘लेकिन भाजपा नेतृत्व इस पर चुप है। उनका राष्ट्रवाद कहां चला गया?’’
ओवैसी ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा उन्हें शरण दिए जाने के फैसले की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि भारतीय मुसलमानों को अक्सर बांग्लादेशी क्यों कहा जाता है, जबकि हसीना को भारत में शरण दी गई है।
एआईएमआईएम अध्यक्ष ने दावा किया कि कई मुस्लिम युवा बिना मुकदमे के वर्षों से जेल में पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जमानत से इनकार करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है, जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है।
ओवैसी ने छात्र कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबी कैद के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) में कांग्रेस द्वारा किए गए संशोधनों के कारण जमानत के बिना लंबी हिरासत संभव हो पाई।
उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों का असली चेहरा सामने आ गया है और दलितों तथा मुसलमानों के पिछड़ेपन के लिए ये दल समान रूप से जिम्मेदार हैं।
हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ने मुसलमानों से महज मतदाता बनकर न रहने का आह्वान किया और उनसे अपना नेतृत्व खुद तैयार करने की अपील की। ओवैसी ने कहा, ‘‘उन्होंने आपको गुलाम बनाया और आपका इस्तेमाल किया गया।’’
भाषा धीरज