फडणवीस को फंसाने की 'साजिश': पूर्व डीजीपी ने संजय पांडे के खिलाफ प्राथमिकी की सिफारिश की
अविनाश
- 10 Jan 2026, 11:38 PM
- Updated: 11:38 PM
मुंबई, 10 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र की पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रश्मि शुक्ला ने देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को झूठे मामले में फंसाने की कथित साजिश को लेकर पूर्व पुलिस प्रमुख संजय पांडे और दो अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की थी। सूत्रों ने शनिवार को यह दावा किया।
इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेताओं ने इस बात की गहन जांच की मांग की कि महाविकास आघाडी सरकार के दौरान तत्कालीन पुलिस महानिदेशक पांडे किसके निर्देश पर काम कर रहे थे।
हालांकि, ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने शुक्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि वह 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कार्यकर्ता' हैं।
सूत्रों ने दावा किया कि तीन जनवरी को सेवानिवृत्त होने से पहले शुक्ला ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच के आधार पर गृह विभाग को इस संबंध में एक रिपोर्ट सौंपी थी।
सूत्रों का आरोप है कि रिपोर्ट में तत्कालीन डीजीपी संजय पांडे, पुलिस उपायुक्त लक्ष्मीकांत पाटिल और एसीपी सरदार पाटिल के नाम शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने ठाणे नगर पुलिस थाने में 2016 के एक रंगदारी मामले की पुन: जांच के बहाने तत्कालीन विपक्ष के नेता फडणवीस और तत्कालीन मंत्री शिंदे को फंसाने की साजिश रची थी।
शुक्ला ने इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की।
श्यामसुंदर अग्रवाल और उनके पूर्व व्यावसायिक साझेदार एवं रियल एस्टेट डेवलपर संजय पुनामिया के बीच विवाद के बाद 2016 में ठाणे नगर पुलिस थाने में अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में 2017 में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
आरोप है कि महाविकास आघाडी सरकार के दौरान तत्कालीन पुलिस प्रमुख संजय पांडे ने इस मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए थे।
पुनामिया ने बाद में उसी थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 2016 के मामले का इस्तेमाल 2021 से जून 2024 के बीच उन्हें परेशान करने और उगाही के लिए किया गया। इस शिकायत के आधार पर 2024 में पांडे और सात अन्य के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि 2024 के जबरन वसूली मामले में सरदार पाटिल ने अपने बयान में (नेताओं को फंसाने की) साजिश की बात स्वीकार की है।
शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने शुक्ला पर 'आरएसएस की कार्यकर्ता' होने का आरोप लगाया। राउत ने कहा, "वह वर्दी में आरएसएस की कार्यकर्ता हैं। उनकी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता।"
इस बीच, राज्य के मंत्री आशीष शेलार और भाजपा नेता अमित साटम ने इस मुद्दे को लेकर उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। शेलार ने सवाल किया कि पांडे किसके दबाव में काम कर रहे थे?
भाषा
सुमित