मतुआ समुदाय के सदस्यों को नागरिकता मिलेगी, ममता सीएए का क्रियान्वयन नहीं रोक सकतीं: शाह
अमित दिलीप
- 14 May 2024, 08:40 PM
- Updated: 08:40 PM
बनगांव (पश्चिम बंगाल), 14 मई (भाषा) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मतुआ समुदाय की नागरिकता को लेकर चिंताओं को दूर करने के प्रयास के तहत मंगलवार को यह आश्वासन दिया कि समुदाय के सदस्यों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत नागरिकता मिलेगी।
शाह ने इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीएए के बारे में अफवाह फैलाने का आरोप भी लगाया। शाह ने उत्तर 24 परगना में मतुआ समुदाय के गढ़ बनगांव में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ''ममता बनर्जी राज्य में सीएए के क्रियान्वयन को कभी नहीं रोक सकतीं, क्योंकि यह केंद्र सरकार का कानून है।''
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया की कोई भी ताकत मेरे शरणार्थी भाइयों को भारत का नागरिक बनने से नहीं रोक सकती। ये मोदी जी का वादा है। ममता बनर्जी को यह याद रखना चाहिए कि नागरिकता केंद्र सरकार के विशेष अधिकार के अंतर्गत आता है, न कि राज्य सरकारों के अधीन।”
शाह ने बनर्जी पर सीएए के बारे में ‘‘झूठ बोलने और अफवाह फैलाने’’ का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी यह झूठ बोल रही हैं कि जो कोई भी सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करेगा, उसे समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। मैं मतुआ समुदाय के लोगों को आश्वस्त करने आया हूं कि किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। आपको नागरिकता मिलेगी और आप देश में सम्मान के साथ रह सकेंगे।”
मंत्री ने यह भी कहा, ''मैं आपको गारंटी देता हूं कि किसी को कोई असुविधा और कठिनाई नहीं होगी। आपको देश में नागरिकता और सम्मान दोनों मिलेगा।”
मतुआ समुदाय, मूल रूप से पूर्ववर्ती पूर्वी पाकिस्तान से है और हिंदुओं का एक कमजोर वर्ग है, जिसके सदस्य विभाजन के दौरान और बांग्लादेश के निर्माण के बाद धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आ गए थे।
सीएए नियमों के क्रियान्वयन पर मतुआ समुदाय की प्रारंभिक खुशी कम हो गई है, क्योंकि अखिल भारतीय मतुआ महासंघ ने अपने सदस्यों को बांग्लादेश में उनके पिछले आवासीय पते को साबित करने वाले आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण नागरिकता आवेदन जमा करने से परहेज करने की सलाह दी है।
शाह ने बनगांव लोकसभा क्षेत्र में मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी को संबोधित करते हुए बनर्जी पर सीएए का विरोध करने और "अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए घुसपैठियों के समर्थन में रैलियां निकालने" के लिए निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “वह शरणार्थियों के नागरिकता प्राप्त करने के खिलाफ़ क्यों हैं? वह बंगाल में घुसपैठ का समर्थन कर रही हैं, लेकिन हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता मिलने का विरोध करती हैं। वह सीएए के खिलाफ रैलियां निकाल रही हैं और घुसपैठियों का समर्थन कर रही हैं।”
शाह ने कहा कि पिछले चार चरणों के चुनाव में लोकसभा की 380 सीट पर मतदान पूरा हो चुका है और उनमें से भाजपा 270 सीट पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पहले चार चरणों में 380 सीट पर मतदान पूरा होने के बाद, मोदी जी ने 270 सीट के साथ बहुमत हासिल कर लिया है। हम जल्द ही 400 से अधिक सीट के अपने लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे।''
बनर्जी ने हाल ही में दावा किया था कि यदि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ सत्ता में आया, जिसका राष्ट्रीय स्तर पर टीएमसी भी हिस्सा है, तो वह संसद में एक नया कानून लाकर सीएए को रद्द कर देगा।
केंद्र ने मार्च में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 लागू किया था। संसद के यह कानून बनाने के चार साल बाद इसके नियमों को मार्च में अधिसूचित किया गया था। इस कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए बिना दस्तावेज वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। शाह ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल भाजपा ही पश्चिम बंगाल में टीएमसी के “भ्रष्टाचार के शासन” को समाप्त कर सकती है।
उन्होंने कहा, “ ‘कट मनी‘ (कमीशन) संस्कृति से लेकर घुसपैठ तक, बम विस्फोटों से लेकर भतीजा के गुंडों द्वारा लोगों को परेशान करने तक, ‘सिंडिकेट राज’ से लेकर पूर्ण अराजकता तक, टीएमसी शासन के तहत पश्चिम बंगाल की स्थिति खराब है। यह केवल नरेन्द्र मोदी जी हैं, जो पश्चिम बंगाल राज्य को इस स्थिति से बचा सकते हैं।”
उन्होंने कहा, “चिटफंड घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर निगम भर्ती घोटाला, राशन घोटाला, गाय और कोयला तस्करी में शामिल लोगों को जेल जाने के लिए तैयार रहना चाहिए। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।''
भ्रष्टाचार और घोटालों के विभिन्न मुद्दों पर टीएमसी की आलोचना करते हुए शाह ने कहा, "किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"
हावड़ा जिले के उलुबेरिया में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए, शाह ने आरोप लगाया कि बनर्जी “केंद्रीय वित्त पोषित योजनाओं के नाम बदल देती हैं और उन्हें पश्चिम बंगाल सरकार की पहल के रूप में संचालित करती हैं।
शाह ने कहा, "रोहिंग्या और बांग्लादेशी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के वोट बैंक हैं।"
भाषा अमित