भाजपा विधायकों ने आतिशी से गुरु तेग बहादुर का 'अपमान' करने को लेकर माफी की मांग की
सुभाष सुरेश
- 07 Jan 2026, 09:17 PM
- Updated: 09:17 PM
नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा में बुधवार को भाजपा विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के खिलाफ नारे लगाए और उनपर सिख गुरु तेग बहादुर का ‘‘अपमान’’ करने का आरोप लगाया तथा अध्यक्ष के आसन के करीब जाकर बार-बार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
आम आदमी पार्टी (आप) के गोपाल राय ने भाजपा से विधानसभा की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग पेश करने को कहा, ताकि आतिशी के बयान का मिलान किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के सदस्य राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण पर सदन में चर्चा को रोकने के लिए शोरगुल कर रहे हैं।
सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होते ही भाजपा विधायक अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गए। सत्तारूढ़ दल के सदस्यों के हाथों में पोस्टर भी थे।
भाजपा विधायकों ने सदन में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के खिलाफ नारे लगाए और आतिशी से माफी की मांग की।
सत्तारूढ़ दल के सदस्यों की नारेबाजी जारी रहने के कारण विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
गुप्ता ने कहा कि उनके पास आतिशी के बयान का मूल पाठ है और उन्होंने आतिशी से सदन की कार्यवाही में शामिल होकर अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आतिशी ने जो कहा वह निंदनीय और पूरी तरह अस्वीकार्य है।
मंत्रियों और भाजपा विधायकों ने गुप्ता को एक पत्र सौंपकर आतिशी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी सदन में उपस्थित नहीं थीं।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद और कपिल मिश्रा सहित सत्तारूढ़ दल के कई सदस्यों ने आतिशी से माफी की मांग की।
सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा पिछले साल नवंबर में गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम पर हुई विशेष चर्चा के बाद विपक्ष की नेता ने गुरु तेग बहादुर के बारे में कुछ आपत्तिजनक बातें कही हैं।
दो बार के स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें विपक्षी आम आदमी पार्टी के विधायक मुकेश अहलावत ने बताया है कि आतिशी गोवा में हैं, जहां की वह पार्टी प्रभारी हैं।
वीडियो में, आतिशी को वायु प्रदूषण पर चर्चा के लिए जोर देते और फिर सिख गुरुओं का संदर्भ देते हुए सुना जा सकता है।
गुप्ता ने भाजपा विधायकों से अपने-अपने स्थान पर वापस जाने का आग्रह करते हुए सदन की बैठक सुचारू रूप से संचालित करने का प्रयास किया, लेकिन सत्तारूढ़ दल के सदस्यों द्वारा शोरगुल किया जाना जारी रहा। इसके बाद, अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
राय ने कहा, ‘‘अध्यक्ष ने पर्यावरण मंत्री के बयान और चर्चा के लिए आज का दिन तय किया था। इसलिए, चर्चा को रोकने के लिए सुबह से ही हंगामा किया गया।‘‘
यह मुद्दा बृहस्पतिवार को शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में फिर से उठाये जाने की संभावना है, क्योंकि भाजपा विधायकों ने जोर देकर कहा है कि वे इस मुद्दे के तार्किक निष्कर्ष तक विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
भाषा सुभाष