गंगासागर मेला: ममता ने पुल की आधारशिला रखी, शुभेंदु ने बताया ‘नया छल’
जितेंद्र वैभव
- 05 Jan 2026, 09:06 PM
- Updated: 09:06 PM
गंगा सागर/कोलकाता, पांच जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने सोमवार को गंगासागर मेले के लिए प्रसिद्ध सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए नदी पर बनने वाले पांच किलोमीटर लंबे पुल की आधारशिला रखी।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार का ‘नया छल’ करार दिया।
ममता ने 1,700 करोड़ रुपये की इस परियोजना का ठेका प्रमुख निर्माण कंपनी ‘लार्सन एंड टुब्रो’ को दिया। ‘गंगासागर सेतु’ नाम का यह पुल दक्षिण 24 परगना जिले में मुरीगंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित सागर द्वीप को हर मौसम में सुगम सड़क संपर्क प्रदान करेगा।
मकर संक्रांति के अवसर पर देश भर से लाखों तीर्थयात्री कपिल मुनि मंदिर के निकट समुद्र तट पर स्नान करने आते हैं।
वर्तमान में सागर द्वीप तक केवल नौका द्वारा ही पहुंचा जा सकता है।
वार्षिक गंगासागर मेले के दौरान तीर्थयात्रियों की भारी भीड़, कोहरे और ज्वार-भाटा के कारण अक्सर नौकाएं फंस जाती हैं।
इस परियोजना की घोषणा मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले की गई।
मुख्यमंत्री ने द्वीप पर आयोजित एक औपचारिक समारोह में भाजपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार खोखले वादों में नहीं बल्कि काम करने में विश्वास रखती है।
द्वीप पर राज्य सरकार और एलएंडटी के अधिकारियों ने दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
उन्होंने नदी के कारण सड़क संपर्क की समस्या का सामना कर रहे दूरदराज के क्षेत्र के लोगों पर गर्व जताते हुए कहा, “हम खोखले वादे नहीं करते, हम अपने वादे पूरे करने के लिए काम करते हैं।”
इस बीच विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता में पत्रकारों से कहा कि ममता के दावे चाहे जो भी हों, वह इस परियोजना को कभी शुरू नहीं कर पाएंगी क्योंकि उनके पास न तो केंद्र से अनिवार्य मंजूरी है और न ही प्रस्तावित पुल तक जाने वाली सड़क के निर्माण के लिए उन्होंने ‘एक इंच जमीन’ का अधिग्रहण किया है।
अधिकारी ने कहा, “यह मुख्यमंत्री का एक और झूठ है, जो देउचा पचामी कोयला खदान और ताजपुर में अब तक शुरू नहीं हुए समुद्र बंदरगाह में एक लाख रोजगार के उनके वादों के अनुरूप ही है। मुझे समझ नहीं आता कि कोई गंगासागर के कपिल मुनि आश्रम में खड़े होकर इस तरह के झूठ कैसे बोल सकता है।”
ममता ने आधारशिला रखने के बाद कहा कि यह पुल कपिल मुनि मंदिर आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए भी वरदान साबित होगा।
उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले पुल के निर्माण की उनकी पिछली मांगों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनकी सरकार कभी भीख नहीं मांगेगी और इसके बजाय उन्होंने स्वयं ही इसका वित्तपोषण करने का निर्णय लिया है।
चार लेन का यह पुल मुख्य भूमि पर काकद्वीप के लॉट-8 और द्वीप पर कचुबेरिया के बीच बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह इस क्षेत्र की लंबित मांग थी और मुझे गर्व है कि यह अगले दो से तीन वर्षों में पूरी हो जाएगी।”
भाषा जितेंद्र