बेंगुलरु में शोभायात्रा पर पथराव, तीन नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया
यासिर संतोष
- 05 Jan 2026, 08:32 PM
- Updated: 08:32 PM
बेंगलुरु, पांच जनवरी (भाषा) बेंगलुरु के जगजीवन राम नगर इलाके में ‘ओम शक्ति संघ’ के श्रद्धालुओं की ओर से निकाली गई शोभायात्रा पर किए गए पथराव के सिलसिले में तीन नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
शोभायात्रा पर रविवार रात हुए हमले में दो महिलाएं घायल हो गईं और घटना के बाद निवासियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जेजे नगर थाने के सामने प्रदर्शन किया।
पुलिस ने बताया कि सोमवार को आक्रोशित लोगों की ओर से जवाबी कदम उठाए जाने की आशंका के मद्देनजर जेजे नगर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इलाके में ही मौजूद हैं और घटना में शामिल उपद्रवियों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शोभा यात्रा पर पथराव करने के आरोप में तीन लड़कों को हिरासत में लिया गया है और तीनों की उम्र लगभग 15-15 वर्ष है।
वीएस गार्डन निवासी शशिकुमार एन. की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह घटना रात करीब सवा आठ बजे से नौ बजे के बीच हुई, जब श्रद्धालु इलाके में शोभायात्रा निकाल रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि तीन से चार युवकों ने शोभायात्रा पर पथराव किया, जिससे एक महिला श्रद्धालु के सिर में गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान हो गई। महिला को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसमें यह भी दावा किया गया कि इससे पहले भी इलाके में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं और दो-तीन मौकों पर धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान शरारती तत्वों ने आगजनी की थी।
शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया कि इलाके में दलितों की खासी आबादी है और दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं सामने आती रही हैं।
घटना को धार्मिक भावनाओं पर हमला और डराने-धमकाने का कृत्य बताते हुए ओम शक्ति और अय्यप्पा स्वामी के श्रद्धालुओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने कहा, ‘‘कर्नाटक आज कांग्रेस शासन के तहत कानून और व्यवस्था के पूर्ण पतन का एक भयावह उदाहरण है। उपद्रवी बेखौफ घूम रहे हैं और एक ऐसी सरकार से प्रोत्साहित हैं जिसकी तुष्टीकरण की राजनीति तथा जिहादी मानसिकता रखने वालों के प्रति खतरनाक रूप से नरम रुख ने यह संकेत दिया है कि कुछ वर्ग कानून की पहुंच से बाहर हैं तथा अब यही उनकी ढाल बन गई है।’’
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि अगर पुलिस ओम शक्ति संघ पर हुए हमले को गंभीरता से नहीं लेती है, तो ऐसी घटनाएं बार-बार होंगी।
भाषा यासिर