कुमारस्वामी ने बल्लारी गोलीबारी मामले में ‘लीपा-पोती’ का आरोप लगाया, सीबीआई जांच की मांग
तान्या प्रशांत
- 05 Jan 2026, 07:42 PM
- Updated: 07:42 PM
बेंगलुरु, पांच जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को कर्नाटक सरकार पर हाल ही में बल्लारी में हुई गोलीबारी की घटना की “लीपा-पोती” के लिए एक व्यवस्थित साजिश का आरोप लगाया और कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की मौत की सीबीआई जांच की मांग की।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पीड़ित के शव का गैरकानूनी तरीके से दो बार पोस्टमार्टम किया गया।
उन्होंने कर्नाटक में “कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने” का हवाला देते हुए मांग की कि मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया जाए।
जनता दल (एस) के प्रदेश कार्यालय जे.पी. भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि मामला सिर्फ एक पार्टी कार्यकर्ता की हत्या का नहीं है, बल्कि सरकार द्वारा जिम्मेदार लोगों को बचाने के कथित प्रयासों का है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर पर विरोधाभासी बयान देने और निर्णायक कार्रवाई करने में विफल होने का आरोप लगाया।
कुमारस्वामी ने कहा, “मुझे उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर के शव का दो बार पोस्टमार्टम किया गया।”
उन्होंने दोबारा शव परीक्षण की आवश्यकता पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्ष क्या थे? दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्या कहती है? दूसरा पोस्टमार्टम क्यों किया गया और इसके लिए किसने दबाव डाला?” कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि पहली जांच के दौरान छर्रे पाए गए और गंगावती के भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी पर गलत जिम्मेदारी तय करने के लिए दूसरे पोस्टमार्टम का इस्तेमाल किया गया।
राज्य सरकार की जांच को अर्थहीन बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के परस्पर विरोधी दावों ने जनता का विश्वास कम कर दिया है।
उन्होंने सीबीआई जांच की मांग को दोहराते हुए पूछा, “इन परिस्थितियों में, यह सरकार किस प्रकार की जांच कर सकती है?”
कुमारस्वामी ने अधिकारियों के चयनात्मक निलंबन पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “अगर एसपी की गलती है तो क्या एडिशनल एसपी और आईजी भी जिम्मेदार नहीं हैं?” मामले से निपटने में राजनीतिक पूर्वाग्रह का आरोप लगाते हुए, कुमारस्वामी ने सरकार पर बल्लारी विधायक नारा भरत रेड्डी के करीबी सहयोगी सहित आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
उनके मुताबिक राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गयी है।
एक जनवरी को बल्लारी में बैनर लगाने को लेकर भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी और कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी के समर्थकों के बीच कथित झड़प के बाद तनाव फैल गया।
गोलीबारी में राजशेखर की मौत हो गई और पुलिस ने भरत रेड्डी के समर्थक सतीश रेड्डी के तीन निजी सुरक्षा गार्डों को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस ने पथराव और गोलीबारी समेत हिंसा की कई घटनाओं के सिलसिले में 26 लोगों को गिरफ्तार किया है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि यह जनार्दन रेड्डी को खत्म करने का एक प्रयास था क्योंकि बल्लारी में उनके घर के ठीक बगल में कार्यक्रम स्थल पर पेट्रोल बम भी पहुंचाए गए थे।
कर्नाटक के गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को सीआईडी को सौंपने पर विचार कर रही है।
भाषा तान्या