नेहरू, वामपंथी इतिहासकारों ने गजनी को ‘महज लुटेरा’ बताकर इतिहास को विकृत किया : भाजपा
प्रशांत वैभव
- 05 Jan 2026, 07:23 PM
- Updated: 07:23 PM
नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर के पहले विध्वंस की 1,000वीं बरसी पर सोमवार को कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि यह दिन ये “याद रखने और समझने” के लिए महत्वपूर्ण है कि कैसे जवाहरलाल नेहरू और वामपंथी इतिहासकारों ने मुस्लिम आक्रमणकारी को केवल एक ‘‘लुटेरा’’ बताकर और यह दिखाकर कि वह ‘‘धार्मिक कट्टरपंथी’’ नहीं था, इतिहास को विकृत किया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मंदिर के पुजारियों और तत्कालीन राजा ने महमूद गजनी से लाखों सोने के सिक्कों के बदले ‘शिवलिंग’ को छोड़ने की विनती की थी, लेकिन उसने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और यह कहते हुए उसे तोड़ दिया कि वह “मूर्ति पूजकों” के साथ व्यापार करने वाले “घृणित व्यक्ति” के बजाय “मूर्तिभंजक” के रूप में पहचान पाना चाहता है।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “महमूद गजनी के साथ रहे एक इतिहासकार ने अपने लेखन में इस घटना का जिक्र किया है। इससे वामपंथी इतिहासकारों और अन्य लोगों के इतिहास को विकृत करने वाले सभी सिद्धांत ध्वस्त हो जाते हैं।”
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि वामपंथी इतिहासकारों ने महमूद गजनी को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया जो धार्मिक कट्टरपंथी नहीं था और वह भारत में केवल “लूटपाट” के उद्देश्य से आया था।
उन्होंने आरोप लगाया, “हमारे इतिहास में यह पढ़ाया जाता है कि महमूद गजनी ने सोमनाथ मंदिर में जो कुछ भी किया वह केवल धन कमाने के लिए था और इसका उसकी धार्मिक भावनाओं से कोई लेना-देना नहीं था।”
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखित पुस्तक ‘द डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ महमूद गजनी के आक्रमण और सोमनाथ मंदिर पर हमले से संबंधित इतिहास में की गयी हर तरह की छेड़छाड़ का स्रोत है।
उन्होंने कहा, “नेहरू ने अपनी पुस्तक में कहा है कि महमूद गजनी एक धर्मनिष्ठ व्यक्ति से कहीं अधिक एक योद्धा था। अन्य कई विजेताओं की तरह, वह भी अपनी विजय के लिए धर्म के नाम का दुरुपयोग करता था। भारत उनके लिए महज एक ऐसी जगह थी जहां से वे धन संपदा अर्जित कर सकते थे।”
भाजपा नेता ने कहा, “नेहरू ने यह भी लिखा कि महमूद गजनी कला का इतना बड़ा प्रेमी था कि मथुरा से दिल्ली तक की इमारतों की सुंदरता और वास्तुकला को देखने के बाद उसने अभिभूत होते हुए कहा कि इन्हें मनुष्यों ने नहीं बल्कि ‘जिन्नों’ ने बनाया होगा।”
त्रिवेदी ने कहा, इसीलिए आज के दिन को याद करना महत्वपूर्ण है ताकि यह समझा जा सके कि भारत के “सम्मान और पहचान” के साथ किस प्रकार “घिनौना मजाक” किया गया था।
भाजपा नेता ने कहा कि नेहरू के “कड़े विरोध” के बावजूद सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा किए गए प्रयासों के कारण सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ।
उन्होंने याद दिलाया कि सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन समारोह में भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि इसका पुनर्निर्माण उस दिन पूरा होगा जब भारत विकास और समृद्धि के पथ पर अग्रसर होगा।
उन्होंने कहा, “आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, हम भारत को विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, चौथा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज, तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल विनिर्माता, दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल हैंडसेट विनिर्माता और डिजिटल लेनदेन में विश्व का नंबर एक देश बनाने के साथ इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
पिछले दो वर्षों से भारत के दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों को लेकर मोदी सरकार पर हमला करने के लिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की आलोचना की। उन्होंने कहा, “ट्रंप ने यह भी कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष 1,000 साल पुराना है और कश्मीर उससे जुड़ा हुआ है। यह वाकई 1,000 साल पुराना संघर्ष है। पाकिस्तान की मिसाइलों का नाम गजनी, बाबर और गौरी के नाम पर रखा गया है। लेकिन क्या उन्होंने कभी पूछा कि ऐसा क्यों?”
त्रिवेदी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “मैकाले और मार्क्स के उन मानस पुत्रों के लिए, जिनके दिमाग पूरी तरह से “एम-फैक्टर’ से भरे हैं, जिसका अर्थ आप अपनी बुद्धि से समझ सकते हैं... तो इसका जवाब भी ‘एम-फैक्टर’ ही है, जिसका अर्थ है मोदी।”
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