अमित शाह फर्जी वीडिया मामला: अदालत ने आरोपी को जमानत दी
अमित माधव
- 13 May 2024, 10:03 PM
- Updated: 10:03 PM
नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के फर्जी वीडियो के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस के एक सदस्य को सोमवार को यह कहते हुए जमानत दे दी कि उसने जांच में सहयोग किया है और उससे आगे हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है।
अधिकारियों के मुताबिक अरुण रेड्डी को तीन मई को गिरफ्तार किया गया था और वह 'एक्स' पर 'स्पिरिट ऑफ कांग्रेस' अकाउंट संभालते हैं।
मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट नबीला वली ने कहा कि आरोपी के खिलाफ मुख्य आरोप जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया था, यह था वह उस व्हाट्सऐप ग्रुप का 'एडमिन' था, जिस पर कथित फर्जी वीडियो पहली बार प्रसारित करने के लिए पोस्ट किया गया था।
न्यायाधीश ने कहा कि हालांकि, आरोपी पर उक्त वीडियो को किसी भी मंच पर पोस्ट/प्रसारित करने का कोई आरोप नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोपी तीन मई से हिरासत में है और जांच एजेंसी पहले ही उसकी पुलिस हिरासत ले चुकी है।
न्यायाधीश ने कहा, "जांच अधिकारी (आईओ) के जवाब के अनुसार आवेदक/आरोपी ने जांच एजेंसी के साथ सहयोग किया है और अपने सहयोगियों/अन्य के नाम का खुलासा किया है। साथ ही, यह एक स्वीकृत स्थिति है कि आगे कोई पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं होगी।"
अदालत ने कहा कि वर्तमान मामले में अन्य संदिग्धों को तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान की गई है।
न्यायाधीश ने कहा, "इस अदालत की राय में, आरोपी से आगे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, यह ऐसा मामला नहीं है कि जांच एजेंसी को अन्य संदिग्धों के ठिकाने/विवरण की जानकारी नहीं है।’’
न्यायाधीश ने कहा, "यह भी प्रस्तुत किया गया है कि आरोपी से कोई और जब्ती नहीं की जानी है और आरोपी का मोबाइल फोन पहले ही जब्त कर लिया गया है और आरोपी का इतिहास साफ सुथरा है। तदनुसार, आरोपी अरुण कुमार रेड्डी को जमानत दी जाती है।"
न्यायाधीश ने आरोपी को आईओ (जांच अधिकारी) द्वारा आवश्यक होने पर जांच में शामिल होने और आईओ को अपना मोबाइल फोन नंबर देने का निर्देश दिया, जिसे हर समय चालू रखा जाएगा ताकि उससे संपर्क किया जा सके।
न्यायाधीश ने कहा, "वह आरोपी अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा। आरोपी को या तो आईओ के समक्ष या अदालत के समक्ष कार्यवाही में भाग लेना होगा।"
न्यायाधीश ने आरोपी को निर्देश दिया कि वह मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई प्रलोभन, धमकी या वादा न करे ताकि उसे अदालत या किसी पुलिस अधिकारी के सामने ऐसे तथ्यों का खुलासा करने से रोका जा सके।
अदालत ने पहले 37 वर्षीय रेड्डी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था जब पुलिस ने बताया कि आरोपी से आगे की पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को रेड्डी को गिरफ्तार किया था।
गृह मंत्रालय (एमएचए) के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) द्वारा शाह के छेड़छाड़ किए गए वीडियो के बारे में शिकायत दर्ज करने के बाद विशेष सेल ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी।
उक्त शिकायत शाह के एक फर्जी वीडियो के बारे में है, जिसमें उनके बयान को बदल दिया गया था। उन्होंने अपने बयान में, तेलंगाना में धार्मिक आधार पर मुसलमानों का आरक्षण खत्म करने की प्रतिबद्धता का संकेत दिया था, जिसे वीडियो में बदल कर इस तरह से दर्शाया गया जैसे कि वह सभी आरक्षण को खत्म करने का समर्थन कर रहे हों।
भाषा अमित