अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया; कहा, मादुरो को पकड़कर देश से बाहर ले जाया गया
पवनेश
- 03 Jan 2026, 09:03 PM
- Updated: 09:03 PM
काराकस (वेनेजुएला), तीन जनवरी (एपी) अमेरिका ने शुक्रवार देर रात को वेनेजुएला पर ‘‘बड़े पैमाने पर हमले’’ किये और कहा कि देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है।
अमेरिका ने इसे एक असाधारण रात्रिकालीन अभियान बताया जिसकी घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया पर की।
हमले के लिए विधिक प्राधिकार और क्या ट्रंप ने इससे पहले कांग्रेस से परामर्श किया था- अभी तत्काल स्पष्ट नहीं है। यह चौंकाने वाली, त्वरित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, जिसने किसी देश के वर्तमान नेता को पद से हटा दिया, 1990 में पनामा के अमेरिकी आक्रमण की याद दिलाती है। पनामा पर हमले के दौरान उसके नेता मैनुएल एंटोनियो नोरिएगा ने आत्मसमर्पण किया था और उन्हें पकड़ लिया गया।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने कहा है कि न्यूयॉर्क में अभ्यारोपित होने के बाद वेनेजुएला के अपदस्थ नेता निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ेगा। बोंडी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दंपति को जल्द ही अमेरिकी धरती पर अमेरिकी अदालतों में अमेरिकी न्याय का सामना करना पड़ेगा।’’
मादुरो को 2020 में न्यूयॉर्क में ‘‘नार्को-आतंकवाद’’ के षड्यंत्र के आरोपों में अभ्यारोपित किया गया था, लेकिन इससे पहले यह ज्ञात नहीं था कि उनकी पत्नी को भी अभ्यारोपित किया गया है।
विस्फोट की कई आवाजें सुनाई दीं और कम ऊंचाई पर उड़ान भरते विमान राजधानी काराकस के ऊपर से गुजरे। वहीं मादुरो की सरकार ने तत्काल ही अमेरिका पर नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने का आरोप लगाया। वेनेजुएला की सरकार ने इसे ‘‘साम्राज्यवादी हमला’’ करार दिया और नागरिकों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया।
मादुरो अभी कहां हैं इसकी जानकारी नहीं है। उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज वेनेजुएला के कानून के अनुसार, सत्ता संभालेंगी। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई कि ऐसा हुआ है, हालांकि उन्होंने हमले के बाद एक बयान जारी किया।
रॉड्रिग्ज ने कहा कि मादुरो, उनकी पत्नी अभी कहां हैं इसके बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम उनके जीवित होने का सबूत चाहते हैं’’।
ट्रंप ने कहा, ‘‘मदुरो और उनकी पत्नी को पकड़ कर देश से बाहर ले जाया गया है। यह अभियान अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से चलाया गया। विस्तृत जानकारी जल्द दी जाएगी।’’
उन्होंने बाद में शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन करना निर्धारित किया।
यह हमला 30 मिनट से भी कम समय तक चला और इस दौरान कम से कम सात धमाके हुए जिसकी वजह से लोगों को सड़कों पर भागने पर मजबूर होना पड़ा। वहीं, अन्य लोगों ने सोशल मीडिया पर हालात की जानकारी साझा की। यह पता नहीं चल पाया है कि इसमें कोई हताहत हुआ है या नहीं या आगे और कार्रवाई की जाएगी। हालांकि ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि हमले "सफलतापूर्वक" अंजाम दिए गए।
सीनेट सदस्य माइक ली ने ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बातचीत की, जिन्होंने उन्हें हमले के बारे में जानकारी दी। रूबियो ने ली को बताया कि मादुरो को “अमेरिका में आपराधिक आरोपों के तहत मुकदमे का सामना करने के लिए अमेरिकी कर्मियों द्वारा गिरफ्तार किया गया है।”
व्हाइट हाउस ने तुरंत यह नहीं बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी को कहां ले जाया जा रहा है।
मादुरो आखिरी बार शुक्रवार को सरकारी टेलीविजन पर दिखाई दिए थे, जब वे काराकस में चीनी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मिले थे।
इस बीच, संघीय विमानन प्राधिकरण (एफएए) ने काराकस में विस्फोटों से पहले ‘‘जारी सैन्य गतिविधि’’ के चलते वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में अमेरिकी वाणिज्यिक उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ट्रंप प्रशासन ने मादुरो पर कई महीनों से दबाव बढ़ाया था।
अमेरिका खुफिया एजेंसी सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) पिछले सप्ताह वेनेजुएला में एक ड्रोन हमले के पीछे थी, जो उस 'डॉकिंग' क्षेत्र पर किया गया जिसका उपयोग वेनेजुएला के मादक पदार्थ गिरोह द्वारा किए जाने का अनुमान था। सितंबर में अमेरिका द्वारा हमले शुरू किए जाने के बाद से वेनेजुएला की धरती पर यह पहला ज्ञात प्रत्यक्ष अभियान था।
ट्रंप प्रशासन के अनुसार शुक्रवार तक ज्ञात हमलों की संख्या 35 थी और मारे गए लोगों की संख्या कम से कम 115 थी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका मादक पदार्थ गिरोहों के साथ सशस्त्र संघर्ष में है और उन्होंने अमेरिका में मादक पदार्थ के प्रवाह को रोकने के लिए इन नौकाओं पर हमलों को आवश्यक ठहराया।
मादुरो ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों की निंदा करते हुए कहा कि यह उन्हें सत्ता से हटाने का एक छद्म प्रयास है।
हथियारबंद लोग और एक नागरिक मिलिशिया के वर्दीधारी सदस्य काराकस के उस मोहल्ले की सड़कों पर उतर आए जिसे लंबे समय से सत्ताधारी पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है। दिन बीतने के साथ ही कुछ लोग मादुरो के पोस्टर के साथ जुटे।
हालांकि शहर के अन्य इलाकों में हमले के कई घंटे बाद भी सड़के खाली रहीं। शहर के कुछ हिस्सों में बिजली नहीं थी, लेकिन वाहन चल रहे थे।
काराकस और एक अज्ञात तटीय शहर से प्राप्त वीडियो में आसमान में रोशनी और धुआं दिखा, जबकि लगातार विस्फोटों से रात के समय आसमान रोशन हो गया था। अन्य फुटेज में शहरी परिदृश्य दिखा, जहां एक हाइवे पर वाहन गुजर रहे हैं और उनके पीछे की पहाड़ियों पर विस्फोट से वहां रोशनी हो रही है। इन वीडियो की पुष्टि एसोसिएटेड प्रेस द्वारा की गई।
काराकस के एक सैन्य अड्डे के हैंगर से धुआं उठते देखा गया, जबकि राजधानी के एक अन्य सैन्य प्रतिष्ठान में बिजली गुल थी।
इस बीच, एक कार्यालय में काम करने वाली 21 वर्षीय कारमेन हिडाल्गो ने कांपती आवाज में कहा, ‘‘पूरी जमीन हिल गई। यह बहुत भयानक है। हमने विस्फोटों और विमानों की आवाज सुनी।’’
अमेरिका ने 2019 में वेनेजुएला में अपना दूतावास बंद कर कर्मियों को वापस बुला लिया था। अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट ने देश में अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी जारी की और कहा कि उसे ‘‘काराकस और उसके आसपास विस्फोटों की रिपोर्ट के बारे में जानकारी है।’’
चेतावनी में कहा गया, “वेनेजुएला में अमेरिकी नागरिकों को अपने स्थान पर सुरक्षित रहना चाहिए।”
ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद से पेंटागन और अमेरिकी सदर्न कमान से सवाल का कोई उत्तर नहीं मिला। एफएए ने सभी वाणिज्यिक और निजी अमेरिकी पायलटों को चेतावनी दी कि वेनेजुएला और देश के उत्तरी तट से थोड़ी दूर स्थित छोटे द्वीपीय राष्ट्र कुराकाओ का हवाई क्षेत्र “जारी सैन्य गतिविधियों से जुड़े उड़ान सुरक्षा जोखिमों के कारण” प्रतिबंधित है।
अमेरिकी संसद कांग्रेस के दोनों सदनों की सशस्त्र सेवा समितियों को प्रशासन द्वारा किसी भी कार्रवाई की सूचना नहीं दी गई है। यह जानकारी एक ऐसे व्यक्ति ने दी जिसे इस मामले की जानकारी है और उसने अपना नाम गुप्त रखने की बात कही।
कांग्रेस में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसदों ने वेनेज़ुएला के तट के पास मादक पदार्थ तस्करी के संदेह वाले जहाजों पर अमेरिकी हमलों के प्रति गहरी आपत्तियां और विरोध जताया हैं। कांग्रेस ने इस क्षेत्र में ऐसी कार्रवाइयों के लिए सैन्य बल उपयोग की किसी विशेष अनुमति को स्पष्ट रूप से मंजूरी नहीं दी है।
अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने कहा कि सैन्य कार्रवाई और मादुरो को पकड़ा जाना “वेनेजुएला के लिए एक नया सवेरा” दर्शाता है। उन्होंने कहा कि “तानाशाह चला गया है।”
उन्होंने हमले के कुछ घंटे बाद ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने जुलाई के एक पोस्ट को फिर से साझा किया जिसमें कहा गया था कि “मादुरो वेनेजुएला के राष्ट्रपति नहीं हैं और उनका शासन वैध सरकार नहीं है।”
मादुरो सरकार के समर्थक और अमेरिका के पुराने प्रतिद्वंद्वी क्यूबा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से प्रतिक्रिया की अपील की। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल बर्मुडेज़ ने इसे “आपराधिक हमला” करार दिया। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, “हमारे शांतिपूर्ण क्षेत्र पर बेरहमी से हमला किया जा रहा है।” ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी हमलों की निंदा की।
अर्जेंटीना राष्ट्रपति जावियर माईली ने अपने निकट सहयोगी ट्रंप के उस दावे की सराहना की कि मादुरो को पकड़ लिया गया है।
एपी अमित