छत्तीसगढ़: रायगढ़ में महिला आरक्षक से बदसलूकी मामले में तीन और आरोपी गिरफ्तार
सं संजीव खारी
- 03 Jan 2026, 08:18 PM
- Updated: 08:18 PM
रायगढ़, तीन जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लिब्रा गांव में खनन विरोधी प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला आरक्षक पर कथित रूप से हमला करने और कपड़े फाड़ने के मामले में पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
उन्होंने बताया कि तमनार थाना क्षेत्र के लिब्रा गांव में धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं में महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट, बदसलूकी और कपड़े फाड़ने के आरोप में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास और वनमाली राठिया को गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इनमें से दो आरोपियों को शुक्रवार को और तीन अन्य को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। फरार दो आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
यह घटना 27 दिसंबर को तमनार ब्लॉक में उस समय हुई थी, जब कोयला खनन परियोजना के खिलाफ 14 गांवों के निवासियों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हिंसा के दौरान महिला आरक्षक भीड़ के बीच एक खेत में अकेली पड़ गई थीं, जहां उन पर हमला किया गया।
बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में महिला आरक्षक को जमीन पर गिरे हुए, रोते और हाथ जोड़ते देखा गया, जबकि दो व्यक्ति कथित तौर पर उसके कपड़े फाड़ते और उससे विरोध स्थल पर मौजूदगी को लेकर सवाल करते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में महिला आरक्षक को बार-बार यह कहते सुना जा सकता है, ‘‘भाई, मत (वर्दी) फाड़ो। मैं कुछ नहीं करूंगी। मैंने किसी को नहीं मारा।’’
वीडियो में एक व्यक्ति उसे चप्पल दिखाकर धमकाता भी नजर आ रहा है।
घटना के बाद अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने शुक्रवार को धुंधला किया गया वीडियो फेसबुक पर साझा करते हुए सवाल उठाया कि जब महिला पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
पुलिस के अनुसार, 27 दिसंबर को रायगढ़ जिले के तमनार इलाके में कोयला खनन परियोजना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पत्थरबाजी की और एक पुलिस बस, एक जीप तथा एक एम्बुलेंस में आग लगा दी, जबकि कई अन्य सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया।
ग्रामीण ‘जिंदल पावर लिमिटेड’ को आवंटित प्रस्तावित गारे पेलमा सेक्टर-एक कोयला ब्लॉक के लिए हुई जनसुनवाई को रद्द करने की मांग को लेकर 12 दिसंबर से प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की पत्थरबाजी में दो अधिकारियों सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
प्रदर्शनकारियों ने लिब्रा गांव के पास ‘जिंदल पावर लिमिटेड’ के संयंत्र पर भी धावा बोल दिया था और एक ‘कन्वेयर बेल्ट’, दो ट्रैक्टर तथा अन्य वाहनों में आग लगा दी थी, जबकि कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ की गई थी।
ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। हिंसा के दौरान महिलाओं के एक समूह ने कथित तौर पर तमनार थाने की प्रभारी कमला पुसाम पर भी हमला किया, जिसमें उन्हें चोटें आईं।
हिंसा के एक दिन बाद रायगढ़ प्रशासन ने कहा था कि उसने परियोजना के लिए आयोजित जनसुनवाई को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भाषा सं संजीव