इंदौर पेयजल त्रासदी: नगर आयुक्त को हटाया गया, दो अधिकारी निलंबित
हर्ष धीरज
- 02 Jan 2026, 10:52 PM
- Updated: 10:52 PM
(तस्वीरों के साथ)
इंदौर, दो जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने इंदौर में दूषित पेयजल मामले में शुक्रवार को सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए नगर आयुक्त को उनके पद से हटा दिया जबकि दो अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा,‘‘इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिए जा रहे हैं। नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के प्रभारी अधीक्षण अभियंता संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इंदौर नगर निगम के आयुक्त दिलीप कुमार यादव को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।’’
इस कार्रवाई के कुछ घंटे पहले, मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्होंने दूषित पेयजल मामले को लेकर एक समीक्षा बैठक में इंदौर के नगर आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि नगर निगम के अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण इंजीनियर से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के भी निर्देश दिए गए हैं।
यादव ने बताया कि उन्होंने नगर निगम में आवश्यक नियुक्तियां तत्काल किए जाने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ दूषित पेयजल मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि इस बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव की प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया,‘‘इंदौर में दूषित पेयजल आपूर्ति से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत हम प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए गए हैं।’’
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर इंदौर नगर निगम के एक जोनल अधिकारी और एक सहायक अभियंता को तत्काल प्रभाव से पहले ही निलंबित कर दिया गया है और एक प्रभारी उप अभियंता की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें दूषित पानी के कारण फैले डायरिया के प्रकोप से 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है, जबकि राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सामने पेश ताजा स्थिति रिपोर्ट में कहा है कि उसे अब तक इस घटना में दो महिलाओं समेत चार बुजुर्गों की मौत सूचना मिली है।
भाषा हर्ष